दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग योजना का अधिक से अधिक लाभ मिलेगा : डीएम
दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग योजना का अधिक से अधिक लाभ मिलेगा : डीएम
उत्तर-प्रदेश

दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग योजना का अधिक से अधिक लाभ मिलेगा : डीएम

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एडिप व हिन्दुस्तान कोलास की सीएसआर योजना में होगा आनलाइन पंजीकरण झांसी, 07 अक्टूबर (हि.स.)। दिव्यांगजनों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के द्वारा जनपद में जिन्होंने विगत 3 वर्षो में किसी शासकीय योजना से निःशुल्क उपकरण न प्राप्त किया हो। ऐसे दिव्यांगजनों को दिव्यांगता सहायक उपकरण यथा कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स, मोटरराईज्ड ट्राईसाइकिल, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, वैशाखी, वाकिंग स्टीक, दृष्टिबाधितार्थ स्मार्ट केन, छड़ी, किट, कुष्ठ रोगी के लिए किट, मानसिक रोगी किट, श्रवण यंत्र आदि निःशुल्क वितरण किये जायेगे। उक्त जानकारी जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने दी। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी तथा खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरुप सामाजिक दूरी का पालन कराते हुये दिव्यांगजनों का पंजीकरण कराये। एलिम्को तथा मैसर्स कामन सर्विस सेन्टर ई-गर्वनेंस सर्विस इण्डिया लिमिटेड (सीएससी) के मध्य किये गये अनुबन्ध के अनुसार दिव्यांगों का पंजीकरण ग्राम व विकास खण्ड स्तर पर सामान्य सेवा केन्द्र (कामन सर्विस सेन्टर) के माध्यम से निःशुल्क किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस नवीन व्यवस्था के अन्तर्गत उपकरण प्राप्त करने के लिए दिव्यांगजन तत्काल किसी भी समय अपने निकटतम सीएससी में जाकर पंजीकरण करा सकते है। इसके अन्तर्गत मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत दिव्यांगता प्रमाण पत्र 10 प्रतिशत या अधिक तथा आय प्रमाण पत्र सम्बन्धित तहसीलदार द्वारा निर्गत प्रतिमाह 15 हजार रुपये या उससे कम हो। ऐसे दिव्यांगजन जिसके पास आय प्रमाण पत्र नहीं है उनकी व्यवस्था के लिए सांसद, विधायक, जिला प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम प्रधान द्वारा निर्गत आय प्रमाण पत्र मान्य होगा। आवासीय प्रमाण पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर कार्ड, बीपीएल कार्ड, ड्राईविंग लाइसेंस आदि में किसी एक का होना आवश्यक है। हिन्दुस्थान समाचार/महेश/मोहित-hindusthansamachar.in