ट्रिपल आईटी में 'आणविक रोगजनन से लेकर थेरनोस्टिक्स के विकास' पर वेबिनार 07 से
ट्रिपल आईटी में 'आणविक रोगजनन से लेकर थेरनोस्टिक्स के विकास' पर वेबिनार 07 से
उत्तर-प्रदेश

ट्रिपल आईटी में 'आणविक रोगजनन से लेकर थेरनोस्टिक्स के विकास' पर वेबिनार 07 से

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प्रयागराज, 05 नवम्बर (हि.स.)। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज के व्यावहारिक विज्ञान विभाग द्वारा दो दिवसीय 'आणविक रोगजनन से लेकर थेरनोस्टिक्स के विकास' विषय पर 07 नवम्बर से ऑनलाइन वेबिनार आयोजित है। एप्लाइड साइंस विभागाध्यक्ष डॉ.प्रीतिश कुमार भरद्वाज ने बताया कि इस वेबिनार का प्राथमिक उद्देश्य आणविक रोगजनन में उभरते नवीन प्रवृत्तियों को प्रस्तुत करना है, जिसके माध्यम से बीमारी के अंतनिर्हित तंत्र को समझा जा सकता है। इसके निरंतर विकास के परिणामस्वरुप चिकित्सा शास्त्र के एक नए युग की शुरुआत हुई है। यह एक स्मार्ट सामग्री विकसित करने हेतु नैनो स्तर पर इंजीनियरिंग का दायरा प्रदान करता है, जो अधिक विशिष्ट चिकित्सा के लिए उपयुक्त एकल माड्यूल द्वारा देखने और इलाज करने का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. एस.के समन्ता और डॉ. अमरेश कुमार साहू ने बताया कि कर्क रोग विज्ञान (ऑन्कोलॉजी) सहित चिकित्सा विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में यह बहुत लाभकारी सिद्ध हुई है। इस वेबिनार का उद्देश्य प्रख्यात शोधकर्ताओं और युवा वैज्ञानिकों को आणविक रोगाणु और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हाल की प्रगति का वर्णन करना है। यह दृष्टिकोण स्वास्थ्य देखभाल में कई अभिनव समाधान प्रदान करते हैं। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. पंकज मिश्र ने बताया कि इन दो दिन में प्रतिभागियों को आणविक जीव विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी, नैनो बायोटेक्नोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, जेनेटिक्स और प्रोटिओमिक्स के बारे में जानकारी प्रदान की जायेगी। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त/संजय-hindusthansamachar.in