जनपद में डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्र का होगा चहुंमुखी विकास
जनपद में डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्र का होगा चहुंमुखी विकास
उत्तर-प्रदेश

जनपद में डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्र का होगा चहुंमुखी विकास

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प्रभावित क्षेत्र में माॅडल स्कूल तथा स्मार्ट क्लास रुम का निर्माण कराया गया झांसी, 12 सितम्बर(हि.स.)। जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने शनिवार को कैंप कार्यालय पर प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजनान्तर्गत जनपद में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि डीएमएफ का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्र में ही किया जायेगा। क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के जीवनस्तर को सुधारने के कार्य के साथ ही विकास कार्य कराये जाये। खनन से प्रभावित मार्गो को प्राथमिकता से मरम्मत या निर्माण कार्य कराने के कार्य टेकअप किया जाये ताकि आवागमन सुलभ हो। जिलाधिकारी ने जनपद के खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेय जलापूर्ति सुचारु करने के निर्देश देते हुये कहा कि यदि पाइप पेयजल योजना से क्षेत्र आच्छादित नहीं है तो टैंकर द्वारा आपूर्ति हो। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले बच्चों की शिक्षा पर जोर देते हुये कहा कि यदि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हैं तो स्कूलों को माॅडल के रुप में विकसित किया जाये तथा स्मार्ट क्लास बनाई जाये। जिलाधिकारी ने खनन प्रभावित क्षेत्र में बसे गांवों के लोगों के लिए स्वास्थ्य कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिये। जिला खान अधिकारी जेपी द्विवेदी ने बताया कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम-1957 की धारा-9 बी के अन्तर्गत राज्य द्वारा निर्गत अधिसूचना के तहत प्रत्येक जिले में एक लाभ रहित जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास की स्थापना की गयी। इस न्यास की संरचना और उनके कृत्यों के विनियमन के लिए उप्र जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास नियमावली-2017 के प्राविधानों के अनुसार संक्रिया से प्रभावित क्षेत्रों व व्यक्तियों के विकास सम्बन्धित कार्य कराये जायेगे। उन्होने बताया कि जिला खनिज फाउण्डेशन में जमा धनराशि का उपयोग खनन संक्रियाओं से प्रभावित क्षेत्रों एवं व्यक्तियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में किये जाने का प्रवधान है। जिला खान अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में खनन संक्रिया प्रभावित क्षेत्र के 04 विद्यालयों को माॅडल स्कूल बनाया गया। 03 सम्पर्क मार्ग कुल दूरी 1250 मीटर मरम्मत की गयी। 10 प्रभावित गांवों में जलापूर्ति के लिए टैंकर की आपूर्ति की गयी। प्रभावित क्षेत्र में 500 शौचालयों का निर्माण कराया गया तथा 12 स्वास्थ्य कैम्प आयोजित कराये गये। उक्त समस्त कार्यो पर 257.57 लाख धनराशि व्यय की गयी। उन्होने बताया कि प्राथमिक कन्या पाठशाला द्वितीय खैलार बबीना में स्मार्ट क्लास रुम का निर्माण तथा मरम्मत कार्य कराया गया। आरईएस द्वारा कार्य पूर्ण कर लिया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय खैलार बबीना में स्मार्ट क्लास का निर्माण व विद्यालय की मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया है, प्राथमिक विद्यालय मोटा खैलार बबीना में स्मार्ट रुम का निर्माण एवं मरम्मत कार्य तथा प्राथमिक विद्यालय प्रथम खैलार बबीना में स्मार्ट क्लास रुम का निर्माण व मरम्मत समस्त पूर्ण कर लिया गया है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयवर चैहान, अधिशासी अभियंता आरईएस राजित राम, अवर अभियंता टीआर यादव उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/महेश /मोहित-hindusthansamachar.in