छोटे परिवारों से आएगी समाज में खुशहाली
छोटे परिवारों से आएगी समाज में खुशहाली
उत्तर-प्रदेश

छोटे परिवारों से आएगी समाज में खुशहाली

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में सीफार व यूपी टीएसयू के सहयोग से ऑनलाइन कार्यशाला हमीरपुर, 22 सितम्बर (हि.स.)। परिवार के साथ ही समाज और देश की खुशहाली के लिए जरूरी हो गया है कि हर कोई छोटे परिवार के बड़े फायदे के बारे में गंभीरता से विचार करे। इसके अलावा बच्चे का जन्म तभी हो जब माता-पिता उसके लिए पूरी तरह तैयार हों। अनचाहे गर्भ से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास बास्केट ऑफ वाइसज् मौजूद है, लोग अपनी सुविधा अनुसार उसमें से कोई भी साधन अपना सकते हैं ताकि अनचाहे गर्भधारण की समस्या से बचने के साथ ही मां-बच्चे की मुस्कान भी बनी रहे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश के अपर मिशन निदेशक हीरालाल ने विश्व गर्भ निरोधक दिवस (26 सितंबर) की तैयारियों और जागरूकता पर चर्चा के लिए सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) और उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई (यूपी टीएसयू) के सहयोग से आयोजित ऑनलाइन मीडिया कार्यशाला के दौरान कही। इस मीडिया कार्यशाला में जनपद के भी कुछ पत्रकारों ने भाग लिया था। उन्होंने कहा कि हमारे संसाधन सीमित हैं, ऐसे में आबादी को भी सीमित रखना बहुत ही जरूरी है। दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखना चाहिए ताकि महिला का शरीर पूरी तरह से दूसरे गर्भधारण के लिए तैयार हो सके। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को भी सुधार जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने नवदंपतियों को शादी के दो साल बाद ही बच्चे के बारे में सोचने के प्रति जागरूक करने की बात कही। अस्थायी गर्भ निरोधक साधनों की बढ़ी मांग कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश की परिवार नियोजन कार्यक्रम की महाप्रबंधक डॉ.अल्पना शर्मा ने प्रदेश में परिवार नियोजन को लेकर चलाए जा रहे कार्यक्रमों और आगे की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कोरोना के बावजूद गर्भनिरोधक गोली छाया, प्रसव के तुरंत बाद लगने वाली पीपीआईयूसीडी और कंडोम की डिमांड ज्यादा रही। कोविड के चलते अस्पतालों में नसबंदी की सेवा नहीं दी जा सकती थी तो लोगों ने अस्थायी साधनों के प्रति दिलचस्पी दिखाई। अंतरा केयर लाइन की काउंसलर बनीं महिलाओं की सखी इस मौके पर अन्तरा केयर लाइन (टोल फ्री नंबर-18001033044) के संचालन का दायित्व निभाने वाली एब्ट की एसोसिएट डॉ.रवि आनंद ने कहा कि तिमाही गर्भ निरोधक साधन अंतरा इंजेक्शन अपनाने वाली महिलाओं की मदद के लिए तैनात काउंसलर जब फोन करती हैं तो लाभार्थी बेहिचक अपनी सारी समस्याओं पर बात करती हैं। इससे उनमें एक विश्वास जगा है। अंतरा केयर लाइन सातों दिन सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक चलती है। इस मौके पर पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ इण्डिया की ओर से पूनम मुतरेजा ने महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला और परिवार नियोजन को लेकर लोगों के व्यवहार परिवर्तन की बात कही। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/मोहित-hindusthansamachar.in