चित्रकूट के सभी ऐतिहासिक धरोहरों के पर्यटन विकास के लिए बने कार्ययोजना : जिलाधिकारी
चित्रकूट के सभी ऐतिहासिक धरोहरों के पर्यटन विकास के लिए बने कार्ययोजना : जिलाधिकारी
उत्तर-प्रदेश

चित्रकूट के सभी ऐतिहासिक धरोहरों के पर्यटन विकास के लिए बने कार्ययोजना : जिलाधिकारी

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चित्रकूट,10 दिसम्बर (हि.स.)। आदि तीर्थ के रूप में समूचे विश्व में विख्यात भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के पर्यटन विकास की रफ़्तार तेज होती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल होने की वजह से जिला प्रसाशन ने चित्रकूट के सभी पुरातात्विक और पौराणिक धरोहरों को संरक्षित और पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जारी किये है। गुरुवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय तथा पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल की उपस्थिति में चित्रकूट पर्यटन के समेकित विकास के संबंध में समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। जिसमे जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन विकास पर शासन का विशेष फोकस है। यह शासन के मुख्य प्राथमिकता बिंदुओं पर है। जिसको देखते हुए सभी विभाग अपने कार्यों पर तेजी लाएं जो भी विकास कार्य कराए जाएं वह गुणवत्तापूर्ण रहे इसका विशेष ध्यान दें। उन्होंने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोठी तालाब, मिनी खजुराहो (गणेश बाग), सोमनाथ मंदिर, श्रषियन आश्रम सहित अन्य पुरातत्व धरोहरों का सुंदरीकरण कराया जाना है। उसमें पर्यटन अधिकारी के साथ भ्रमण करके प्राक्कलन तैयार किया जाए। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से यह भी कहा कि जो प्रदेश सरकार व भारत सरकार के मानक में पौराणिक धरोहर हैं उनकी सूची भी उपलब्ध कराएं और जहां पर कार्य करा रहे हैं उसकी भी जानकारी दी जाए। पर्यटन अधिकारी से कहा कि जो पुरातत्व विभाग के अंतर्गत पुराने मंदिर नहीं आते हैं उनके जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव तत्काल बनाकर शासन को भेजा जाए। कोठी तालाब के पास जो पार्क का निर्माण कराना है उसका भी प्रस्ताव अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद उपलब्ध कराएं तथा पुरातत्व विभाग से एनओसी भी प्राप्त की जाए। इसके अलावा फूड प्लाजा की दुकानों का आवंटन तत्काल करा दिया जाए। राजकीय निर्माण निगम रामायण सर्किट में मंच पर टीन शेड के कार्य को पूरा करें तथा परिक्रमा मार्ग के कवर टीन शेड जो शेष है उसे भी पूर्ण करें। उन्होंने उप जिलाधिकारी कर्वी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग से कहा कि इनके कार्यों की तकनीकी जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। फुट ओवरब्रिज के निर्माण की समीक्षा पर कहा कि यह कार्य माह अक्टूबर 2020 में पूर्ण हो जाना चाहिए, लेकिन अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। इस संबंध में परियोजना प्रबंधक राजकीय निर्माण निगम का जवाब तलब किया जाए। उन्होंने कहा कि आरती स्थल राम घाट पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी जाए तथा चोपड़ा तालाब पर फव्वारा की व्यवस्था कराएं। अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देश दिए कि पर्यटन के विकास की योजना बनाकर उपलब्ध कराये। प्रभागीय वनाधिकारी से कहा कि वन चेतना केंद्र लक्ष्मण पहाड़ी के भी सुंदरीकरण का प्रस्ताव बनाकर दे। मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि संबंधित विभागों से प्रस्ताव लिया जाए ताकि विकास कार्य कराए जा सके। उन्होंने कहा कि मनरेगा कन्वर्जन से बाल्मीकि तमसा नदी का प्रस्ताव तैयार कराकर साफ सफाई कराई जाए। शहर की जो मुख्य सड़के हैं उनमें विद्युत पोल बीच पर आ गए हैं उन्हें अधिशासी अभियंता विद्युत तत्काल हटाए । उन्होंने प्रमुख चौराहों के सुंदरीकरण, साउंड एंड लाइट शो, भजन संध्या स्थल, पार्किंग स्थल, आरती स्थल रामघाट, चोपड़ा तालाब, बाल्मीकि आश्रम के जीर्णोद्धार, नए स्थानों के चयन व निर्माण, सीसीटीवी, ध्वनि विस्तारक यंत्र, भव्य स्वागत द्वार, प्राथमिक उपचार स्थल आदि विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी, अपर जिलाधिकारी जी पी सिंह, चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी कर्वी राम प्रकाश, प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, डीसी एनआरएलएम राम उदरेज यादव, पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार /रतन/मोहित-hindusthansamachar.in