ग्रेटर नोएडा: जीएबयू को एफिलिएटिंग यूनिवर्सिटी का दर्जा
ग्रेटर नोएडा: जीएबयू को एफिलिएटिंग यूनिवर्सिटी का दर्जा
उत्तर-प्रदेश

ग्रेटर नोएडा: जीएबयू को एफिलिएटिंग यूनिवर्सिटी का दर्जा

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नोएडा, 14 अक्टूबर (हि.स.)। गौतमबुद्ध नगर समेत बुलंदशहर और गाजियाबाद जिलों के सैकड़ों शिक्षण संस्थाओं में पढ़ रहे लाखों छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस वे पर स्थित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी को एफिलिएटिंग यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया है। योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार की देर रात ट्वीट कर के इसकी जानकारी दी। अब गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय गौतमबुद्ध नगर,बुलन्दशहर, और गाजियाबाद में स्थापित शिक्षण संस्थाओं को मान्यता देगी। साथ ही इन शिक्षण संस्थाओं में पाठ्यक्रम, दाखिले, परीक्षा, परीक्षा परिणाम, डिग्री, प्रमाण पत्र और तमाम शैक्षणिक गतिविधियों को नियमित करने की जिम्मेदारी उठाएगी। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बुधवार को बताया कि हम कई वर्षो से इस मुहिम में लगे हुए थे। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसार और प्रशासनिक गतिविधियों के सुविधाजनक संचालन के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को एफिलिएटिंग यूनिवर्सिटी के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को भारत में बुद्धिज्म स्टडी के लिए एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार चाहती है कि दुनियाभर से शोधकर्ता गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय आए और यहां भगवान बुध और बुद्धिज्म पर शोध करें। इससे उत्तर प्रदेश में शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा। साथ ही गौतमबुद्ध नगर और आसपास के जिलों में टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। धीरेंद्र सिंह ने कहा गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय जनता के पैसे से बनाया गया है। यह एक भव्य शिक्षण संस्थान है। देश के चुनिंदा शिक्षण संस्थानों के पास इतनी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जितनी इस परिसर में विकसित की गई हैं। यह अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित किया गया विश्वविद्यालय है। अभी कुछ छात्र-छात्राएं ही इन सुविधाओं का उपयोग कर पा रहे हैं। गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के कुलपति भगवती प्रकाश शर्मा ने मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से दो मंडलों के 9 जिले संबंध हैं। लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं में पढ़ रहे हैं। छात्रों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। नामांकन, दाखिले, परीक्षा का आयोजन और परीक्षा परिणाम घोषित करने में देरी होती है। जिससे छात्र-छात्राओं को असुविधा हो रही है। अगर बुलंदशहर, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर की शिक्षण संस्थाओं को जीबीयू से संबद्ध कर दिया जाएगा, तो चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का दबाव कम हो जाएगा। "आत्मनिर्भर बनेगा जीबीयू" धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय का वित्तपोषण नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण कर रहे हैं। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की आर्थिक दशा ठीक नहीं है। ऐसे में पूरा भार नोएडा विकास प्राधिकरण पर पड़ रहा है। नोएडा विकास प्राधिकरण कई बार इस भार को खत्म करने की मांग कर चुका है। पिछली बोर्ड बैठक में भी यह प्रस्ताव पास किया गया है कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय को उत्तर प्रदेश सरकार संभाले। सरकार के इस फैसले से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय वित्तीय आधार पर आत्मनिर्भर बन जाएगा। दरअसल विश्वविद्यालय को छात्रों से शुल्क मिलेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और राज्य सरकार से भी पैसा मिलेगा। हिन्दुस्थान समाचार/ आदित्य/रामानुज-hindusthansamachar.in