ग्राम प्रधान के भाई की कोरोना से हुई मौत, परिजनों ने अस्पताल में काटा हंगामा
ग्राम प्रधान के भाई की कोरोना से हुई मौत, परिजनों ने अस्पताल में काटा हंगामा
उत्तर-प्रदेश

ग्राम प्रधान के भाई की कोरोना से हुई मौत, परिजनों ने अस्पताल में काटा हंगामा

news

- पुलिस की मौजूदगी में हुआ समझौता, दो लाख रुपये का बकाया बिल माफ कानपुर, 15 सितम्बर (हि. स .)। चौबेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम प्रधान का भाई कोरोना पॉजिटिव था और उसे परिजनों ने रामा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गयी तो परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा काटने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को किसी तरह से समझाया और परिजन अस्पताल का बकाया बिल दो लाख रुपये देने से इंकार कर दिये। इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों का समझौता कराया और अस्पताल प्रबंधन ने दो लाख रुपये का बिल माफ कर दिया। इसके बाद कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक शव का अंतिम संस्कार कराया गया। चौबेपुर ब्लाक के गौरी भगवंतपुर के ग्राम प्रधान अवधेश मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि बड़े भाई की बीते दिनों तबीयत खराब हुई और सीने में उनके दर्द था। कोरोना के लक्षण दिखने पर उनकी कोरोना जांच करायी गयी तो रिपोर्ट पॉजिटिव आयी। इस पर रामा हॉस्पिटल में उन्हे चार सितम्बर को भर्ती कराया गया था और अस्पताल प्रबंधन बराबर बिल के नाम पर रुपया लेता रहा, पर मरीज के विषय में कोई जानकारी नहीं दे रहा था। यही नहीं बीते तीन दिनों से अस्पताल प्रबंधन मरीज से बात भी नहीं करा रहे थे और न ही मिलने देते थे, जबकि इसके पहले बात होती थी तो मरीज बार-बार अस्पताल पर लापरवाही किये जाने की बात कहते रहे। ग्राम प्रधान ने बताया अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की शिकायत लेकर सोमवार को सीएमओ के पास पहुंचे थे, तभी अस्पताल प्रबंधन की ओर से सूचना दी गयी कि मरीज की तबीयत खराब हो रही है। इसके बाद मंगलवार को सुबह 10 बजे सूचना दी गयी कि मरीज की मौत हो गयी। मौत से भड़के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटने लगे और इलाज का शेष बिल (करीब दो लाख रुपये) देने से इन्कार कर दिये। करीब एक घंटे तक परिजनों और अस्पताल प्रबंधन में आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा और सूचना पर पुलिस भी पहुंच गयी। पुलिस की उपस्थिति में जब अस्पताल प्रबंधन ने शेष बिल माफ कर दिया तब परिजन शांत हुए। थाना प्रभारी बिठूर कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बिल की बकाया राशि को लेकर दिवंगत मरीज के परिजन और अस्पताल प्रबंधन के बीच कहासुनी हो गई थी। इसके बाद में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया और कोरोना गाइड लाइन के अनुसार शव का अंतिम संस्कार कराया गया। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/मोहित-hindusthansamachar.in