गोण्डा : रेलवे जक्शन से सटे गांव में आज तक ग्रामीणों के लिए नहीं बना रास्ता
गोण्डा : रेलवे जक्शन से सटे गांव में आज तक ग्रामीणों के लिए नहीं बना रास्ता
उत्तर-प्रदेश

गोण्डा : रेलवे जक्शन से सटे गांव में आज तक ग्रामीणों के लिए नहीं बना रास्ता

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गोण्डा 10 सितम्बर (हि.स.)। आजादी के 73 वर्ष बीत जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश का जनपद गोण्डा के कुछ गांवों में विकास कार्य हुआ ही नहीं है। ऐसा ही एक गांव जो गोण्डा जक्शन से सटा हुआ है, जहां ग्रामीणों के लिए रास्ता तक नहीं है। गांव के तीन तरफ से रेलवे लाइन और एक तरफ रेलवे यार्ड होने की वजह से ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कते उठानी पड़ती हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करके बाजार, स्कूल जाते हैं। गांव की आबादी डेढ़ हजार जिला मुख्यालय के विकास खण्ड पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत धनौली का मजरा पंडित पुरवा ऐसा गांव है, जिसकी आबादी करीब डेढ़ हजार है। गांव के चारों तरफ रेल लाइन व रेल परिक्षेत्र है। गांव के रहने वाले दीप राज मिश्रा ने बताया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव से बाहर जाने के लिए कोई रास्ता नहीं बन पाया है। बाजार,अस्पताल, बच्चों को स्कूल जाने के लिये जान की बाजी लगा कर अवैध रूप से रेल लाइन को पार करना पड़ता है। गांव में यदि कोई बीमार हो जाये तो चारपाई पर या पीठ पर लाद कर लाइन पार कर सड़क पर एम्बुलेंस व वाहन करना पड़ता है। यदि कोई महिला प्रसव से पीड़ित हो तो गांव में एम्बुलेंस नहीं आ सकती। गांव में यदि कोई आपातकाल की स्थिति आ जाए तो दमकल की गाड़ियां और पुलिस नहीं पहुंच सकती है। तत्तकालीन डीएम ने मामले को गंभीर से लिया था यहां के ग्रामीणों का कहना है कि पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी रोशन जैकब ने गांव के रास्ते के मामले को गम्भीरता लिया था। गोण्डा-उतरौला रोड से ग्राम सभा की जमीन में रेल लाइन के दूसरे पार तक सड़क की पटाई कर रास्ता दिया था। रेलवे लाइन बीच मे आने से रेलवे को गेट बनाने व अंडर रेल पास के लिए लिखा पढ़ी की थी। रेलवे ने अंडर पास का निर्माण भी शुरू किया, लेकिन तीन चार वर्षों से यह अंडर पास निर्माणाधीन है। इस वक्त को निर्माणाधीन अंडर पास में 10 से 12 फीट पानी भरा हुआ है, जो स्विमिंग पुल बना हुआ है। पुल जो बनाया गया वह भी एक तरफ धंस गया है, जिसके कारण यहां के ग्रामीणों के लिये कोई रास्ता नही है। बोले अधिकारी किया जायेगा प्रयास मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने इस मामले में कहा कि गांव में रास्ता नहीं होने की जानकारी इससे पहले उनको नहीं थी। यह मामला उनकी जानकारी में पहली बार आया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को रास्ता दिलाया जाय इसके लिए प्रयास किया जायेगा ताकि जल्द से जल्द गांववालों को रास्ता मिल जाये इसके लिए और रेलवे अधिकारी से भी बात की जायेगी। हिन्दुस्थान समाचार/महेन्द्र/दीपक-hindusthansamachar.in