गार्ड के बिना दौड़ेगी मालगाड़ी, लगाए जाएंगे ईओटीटी : राजीव आर्य
गार्ड के बिना दौड़ेगी मालगाड़ी, लगाए जाएंगे ईओटीटी : राजीव आर्य
उत्तर-प्रदेश

गार्ड के बिना दौड़ेगी मालगाड़ी, लगाए जाएंगे ईओटीटी : राजीव आर्य

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हरदोई, 12 सितम्बर (हि.स.)। रेलवे की ओर से जल्द ही बिना गार्ड के मालगाड़ियां चलाई जाएंगी। मालगाड़ियों में एक ऐसी डिवाइस लगाई जाएगी, जिससे स्टेशन पार होने की जानकारी ड्राइवर को हो जाएगी। अभी तक यह गार्ड द्वारा वॉकी टॉकी से बताया जाता था। वहीं रेलवे के इस निर्णय से गार्डों में खलबली मच गई है। सूत्रों की मानें तो भारतीय रेलवे में धीरे-धीरे कर्मचारियों की संख्या कम कर वेतन के बजट में कटौती की तैयारी चल रही है। इसी के साथ ही कुछ पुराने कामों को अब मानवरहित करने की योजना बनाई जा रही है, जिसे नई तकनीक के साथ बदला जाएगा। इस योजना के तहत अब माल गाड़ियों से गार्ड को हटाकर उसके बदले आधुनिक मशीन लगाई जाएगी। जिसे एंड ऑफ ट्रेन टेलिमेटरी सिस्टम (ईओटीटी) के नाम से जाना जाता है। जिससे मालगाड़ी को बिना गार्ड के चलाया जा सकेगा। इस उपकरण की कीमत 10 लाख रुपये बताई जा रही है। रेलवे के अधिकारियों मुताबिक यह उपकरण मालगाड़ी के अंतिम छोर पर स्थित गार्ड यान में लगाया जाएगा और इंजन इससे जुड़ा रहेगा। कैसे काम करेगा उपकरण किसी भी प्लेटफॉर्म से मालगाड़ी के रवाना होने से पहले गार्ड द्वारा ब्रेक, पाइप, प्रेशर इत्यादि की जांच की जाती है। इस जांच के बाद ट्रेन को चलाने वाले लोको पायलट को सिग्नल दिया जाता है और गाड़ी रवाना होती है। अब यह उपकरण ब्रेक, पाइप, प्रेशर को चेक करने के बाद लोको पायलटों को ग्रीन सिग्नल देगा। सिग्नल मिलने के बाद संतुष्ट होने पर लोको पायलट गाड़ी को रवाना कर देंगे। इसके बाद उपकरण लगातार लोको पायलट और कंट्रोल के संपर्क में रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि उपकरण के लग जाने से मालगाड़ियों के लेट होने की समस्या से छुटकारा मिल सकेगा। रेलवे यूनियन नहीं चाहती लगे उपकरण भारतीय रेलवे की यूनियन में रनिंग स्टाफ यानी लोको पायलट और गार्ड की बहुत बड़ी संख्या है। यूनियन के नेता शैलेश कुमार का कहना है कि गार्ड केवल सिग्नल देने का काम नहीं करता, कई बार तकनीकी खराबी के बाद मैनुअल सिग्नल देने पड़ते हैं। जैसे टनल में गाड़ी होने पर या कोई विशेष प्रकार का सिग्नल देने के लिए गार्ड द्वारा पटाखा जलाकर सिग्नल देते हैं। उपकरण ऐसा नहीं कर सकता। ट्रैक पर होने वाले क्रैक का पता लगाने, ट्रेन चलते समय जर्क या कंपन महसूस होने, सामने से गुजर रही ट्रेन को कोई चीज लटकने की जानकारी देने या एकदम छोटे स्टेशन पर ट्रेन की सेटिंग कराने का काम भी गार्ड द्वारा किया जाता है। स्टेशन अधीक्षक राजीव आर्य ने बताया कि पहले ट्रायल किया जाएगा, उसके बाद ही सभी मालगाड़ियों पर उपकरण लगाए जाएंगे। ऐसा होने से मालगाड़ियों को बिना गार्ड के चलाया जा सकेगा। इसकी शुरूआत होने में अभी समय लग सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/अम्बरीष/राजेश-hindusthansamachar.in