गाय हमारी सांस्कृतिक-आर्थिक स्वालंबन की अधिष्ठाता, संरक्षण आवश्यक: चम्पत राय
गाय हमारी सांस्कृतिक-आर्थिक स्वालंबन की अधिष्ठाता, संरक्षण आवश्यक: चम्पत राय
उत्तर-प्रदेश

गाय हमारी सांस्कृतिक-आर्थिक स्वालंबन की अधिष्ठाता, संरक्षण आवश्यक: चम्पत राय

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-कारसेवकपुरम में गोवंश का पूजन अर्चन कर गोरक्षा का लिया गया संकल्प अयोध्या, 22 नवम्बर (हि.स.)। कारसेवक पुरम में श्रीराम गोशाला समिति के तत्वाधान में रविवार को गोपाष्टमी के अवसर पर गोवंश का पूजन अर्चन कर गोसेवा और गोरक्षा का संकल्प लिया गया। वैदिक आचार्य इंद्र देव मिश्र तथा आचार्य दुर्गा प्रसाद गौतम के मार्गदर्शन में तथा श्रीराम गौशाला समिति अध्यक्ष श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चम्पतराय वा उपाध्यक्ष सांसद लल्लू सिंह ने गोवंश का वैदिक मंत्रों के साथ पूजन अर्चन किया। इस अवसर पर गोशाला समिति के अध्यक्ष व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र सचिव चम्पत राय ने कहा कि गाय हमारी धार्मिक सांस्कृतिक एवं आर्थिक स्वालंबन की अधिष्ठाता है। इसका संरक्षण संवर्धन समाज के लिए आवश्यक है। हमारे पुराणों के अनुसार गाय को माता यानी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि गोमाता के पृष्ठदेश में ब्रह्म का वास है, गले में विष्णु का, मुख में रुद्र का, मध्य में समस्त देवताओं और रोमकूपों में महर्षिगण, पूंछ में अनंत नाग, खूरों में समस्त पर्वत, गोमूत्र में गंगादि नदियां, गोमय में लक्ष्मी और नेत्रों में सूर्य-चन्द्र विराजित हैं। यह हर प्रकार से समस्त मानव के लिए कल्याणकारी है। इसकी सुरक्षा समस्त मानव के लिए आवश्यक है। गोशाला प्रबंधक पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने कहा कि गोवंश हत्या महापाप है। साधु संतों और गोसेवकों ने हत्यारों को फांसी की सजा दिये जाने की मांग सदैव उठाई है। आज की वर्तमान सरकार ने इस ओर सख्त कदम बढ़ाकर गोभक्तों की भावनाओं का सम्मान किया है। हम सभी को विश्वास है कि एक ना एक दिन गोभक्त सरकार गो हत्यारों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने का कानून भी बना देगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विगत वर्ष किये गये अधिनियम में संशोधन से गोपालकों में गोसेवा संरक्षण संवर्धन के प्रति आत्मीयता का भाव और अधिक गतिशील होगा। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र को भी इससे बल मिलेगा। श्रीराम गोशाला समिति के उपाध्यक्ष सासंद लल्लू सिंह ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने तुष्टिकरण के कारण गोसंरक्षण इस ओर कभी भी ध्यान केंद्रित नहीं किया। आज भाजपा शासित राज्यों में इस गंभीर विषय को गंभीरता से निर्णय हो रहा है। उन्होंने कहा सरकारें अपने कर्त्तव्य के प्रति संवेदनशील हैं। लेकिन, हमें भी इस पर ध्यान केंद्रित करना होगा। यदि हम मानव ईश्वर द्वारा प्रदत्त वरदान ‘गो के आशीर्वाद से स्वस्थ व सुखी रहना चाहते हैं तो गाय के दूध, घी आदि का ही खाने-पीने तथा हवन-पूजन आदि में प्रयोग करें और डेयरियों आदि स्थानों पर गो-उत्पाद की मांग करें। एलोपैथिक दवाओं की गुलामी छोडकर गो-चिकित्सा का लाभ लें। निरोग रहने के लिए गोमूत्र व गोमय (गोबर के रस) से बनी औषधियों का सेवन करें। विहिप केन्द्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने कहा कि गोवंश की रक्षा के लिए जिनके पास गाय रखने की जगह हो, वे कम-से-कम एक देशी गाय अवश्य पालें। जो गाय नहीं पाल सकते हों वे देशी गाय को रोज गोग्रास खिलायें। सम्भव हो वे गोरक्षा के लिए गोशालाओं का निर्माण करें। गोचर-भूमि की रक्षा करें तभी गो संरक्षण संवर्धन का व्यापक रूप प्राप्त होगा। पूजन के दौरान अयोध्या विधायक वेद गुप्ता, भाजपा नेता वैश्य विनोद जायसवाल, गोशाला समिति के सह प्रबंधक शरद शर्मा, वीरेन्द्र कुमार, चौरासी कोसी परिक्रमा प्रभारी सुरेन्द्र सिंह, कारसेवक पुरम् प्रभारी शिवदास, पशु चिकित्सक डॉ. वीरेन्द्र, कार्यकाल प्रभारी घनश्याम, अमित,सुभाष पांडेय, आदित्य उपाध्याय, इंजीनियर एसएन अग्रवाल डॉ. कुसुम लता अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/पवन/संजय-hindusthansamachar.in