गाजीपुर और सुल्तानपुर के डीपीआरओ वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित
गाजीपुर और सुल्तानपुर के डीपीआरओ वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित
उत्तर-प्रदेश

गाजीपुर और सुल्तानपुर के डीपीआरओ वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित

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लखनऊ, 07 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गाजीपुर और सुल्तानपुर के जिला पंचायत राज अधिकारियों (डीपीआरओ) को वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया है। पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में सोमवार को आदेश भी जारी कर दिया। शासन द्वारा जारी दोनों डीपीआरओ के निलंबन आदेश के अनुसार गाजीपुर के जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह निलंबन की अवधि में उप निदेशक पंचायत, वाराणसी मंडल के कार्यालय से संबंद्ध रहेंगे। उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच अयोध्या मंडल के उप निदेशक पंचायत करेंगे। वहीं, सुल्तानपुर के डीपीआरओ कृष्ण कुमार सिंह को निलंबन की अवधि तक उप निदेशक पंचायत, अयोध्या मंडल के कार्यालय से संबंद्ध किया गया है। इनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए वाराणसी मंडल के उप निदेशक पंचायत को नामित किया गया है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि शासन द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों को पल्स आक्सीमीटर एवं इन्फ्रारेड थर्मामीटर खरीदने के निर्देश दिए गए थे। शासन द्वारा इस संबंध में यह भी बताया गया था कि दोनों उपकरण बाजार में 2800 रुपये में उपलब्ध हैं। आरोप है कि शासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद दोनों जिला पंचायत राज अधिकारियों द्वारा पल्स आक्सीमीटर एवं इन्फ्रारेड थर्मामीटर को खरीदने की प्रक्रिया को केंद्रीकृत करने का प्रयास किया गया। डीपीआरओ गाजीपुर ने उपकरणों के मूल्य का बिल 5800 रुपया और सुल्तानपुर के डीपीआरओ ने 9950 रुपये प्रस्तुत किया, जो शासन द्वारा बताए गए बाजार मूल्य 2800 रुपये से बहुत अधिक थे। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी-hindusthansamachar.in