गन्ना आपूर्ति के आंकड़ों से नहीं हो सकेगी छेड़छाड़़
गन्ना आपूर्ति के आंकड़ों से नहीं हो सकेगी छेड़छाड़़
उत्तर-प्रदेश

गन्ना आपूर्ति के आंकड़ों से नहीं हो सकेगी छेड़छाड़़

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मेरठ, 23 जुलाई (हि.स.)। किसानों के गन्ना आपूर्ति के आंकडों में अब गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। गन्ना विभाग ने गन्ना आपूर्ति के आंकड़ों को पूर्ण पारदर्शी बनाने एवं कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए गन्ना सर्वेक्षण और सट्टा संबंधी आंकडें ई-गन्ना ऐप और अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय लिया है। इससे किसान घर बैठे ही अपने आंकडें देख सकेंगे। मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि गन्ना कृषक अपने घर बैठकर ही सर्वेक्षण आंकड़े देखकर गन्ना पर्यवेक्षक से सम्पर्क कर गन्ना सर्वे के आंकड़ों में किसी त्रुटि का निवारण करा सकेंगे। इसके साथ ही ईआरपी वेबसाइट के ग्रिवांस काॅलम पर अपनी शिकायत दर्ज कराकर संशोधन करा सकेंगे। कोविड-19 के कारण ग्राम स्तरीय एवं समिति स्तरीय सर्वे, सट्टा प्रदर्शन की समय अवधि भी बढ़ाई दी गई है। यह व्यवस्था प्रदेश के चीनी एवं गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने पेराई सत्र 2020-21 हेतु गन्ना किसानों की गन्ना आपूर्ति संबंधी आंकड़ों में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए किया है। इस व्यवस्था से किसानों को गन्ना समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे तथा गन्ना आपूर्ति में पूर्ण पारदर्शिता आएगी। उनकी गन्ना आपूर्ति में भी गडबडी नहीं हो सकेगी। पेराई सत्र 2020-21 हेतु गन्ना सर्वेक्षण कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। शत-प्रतिशत गन्ना सर्वेक्षण जीपीएस तकनीक से कराया गया है जिससे किसी प्रकार की त्रुटि की सम्भावना न रहें। इस वर्ष गन्ना कृषकों को गन्ना पर्चियां केवल एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/कुलदीप/दीपक-hindusthansamachar.in