गंगा में जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने राहत चैकियों पर बढ़ाई सतर्कता
गंगा में जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने राहत चैकियों पर बढ़ाई सतर्कता
उत्तर-प्रदेश

गंगा में जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने राहत चैकियों पर बढ़ाई सतर्कता

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हापुड़, 31 जुलाई (हि.स.)। गंगा में लगातार जलस्तर बढ़ने से खादर के गांवों में बेचैनी का माहौल है। बरसात होने और बिजनौर बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण गढ़मुक्तेश्वर में जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। गंगा के जलस्तर से 12 घंटे में 25 सेंटीमीटर की वृद्धि होने से जलस्तर खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने को ध्यान में रखते हुए तहसील प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाकर राहत चैकियां को सतर्क रहने का निर्देश दिया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भले ही पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है, लेकिन पहाड़ों में काफी बारिश होने के बाद बिजनौर बैराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ाने का सिलसिला लगातार जारी है। जलस्तर बढ़ने के कारण गढ़ खादर क्षेत्र के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ने लगी है। गंगा में लगातार बढ़ रहा पानी अब खादर क्षेत्र के गांवों के संपर्क मार्गों और निचले जंगल में आने लगा है। इन क्षेत्रों में जलभराव होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन और पशुओं के लिए चारे लाने में परेशानी होने लगी है। जलस्तर में बढ़ोतरी होने के कारण खादर क्षेत्र के गांव गड़ावली, लठीरा, नयाबांस, रामपुर न्यामतपुर, इनातपुर, शाकरपुर, मंढैया किशन सिंह, भगवंतपुर आदि लगभग डेढ़ दर्जन गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को बाढ़ का डर सताने लगा है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण आयोग के अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को गढ़ क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 198.10 मीटर (समुद्र तल से) था। जो बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी पहुंचने पर 25 सेंटीमीटर बढ़कर गुरुवार को बढ़कर 198.35 मीटर के निशान पर पहुंच गया है। यह गंगा में लगाए गए खतरे के निशान 198.33 मीटर से भी दो सेंटीमीटर ऊपर है। जल स्तर में अब भी बढ़ोतरी होना जारी है। लेखपालों को निगरानी के आदेश जलस्तर में हो रही वृद्धि को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के लेखपालों और राजस्व कर्मियों को गंगा के जलस्तर और क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। गढ़मुक्तेश्वर में गंगा में खतरे का निशान 199.33 मीटर पर लगा है। फिलहाल बाढ़ की कोई भी संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी एहतियाती तौर पर राहत चैकियों को पूरी तरह सतर्क रहने का आदेश दिया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/विनम्र व्रत त्यागी-hindusthansamachar.in