खानकाहे हुसैनी में कुदरत की कहर से बचाने की मांगी गयी दुआ
खानकाहे हुसैनी में कुदरत की कहर से बचाने की मांगी गयी दुआ
उत्तर-प्रदेश

खानकाहे हुसैनी में कुदरत की कहर से बचाने की मांगी गयी दुआ

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खानकाहे हुसैनी में कुदरत की कहर से बचाने की मांगी गयी दुआ कानपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। खानकाहे हुसैनी में छठा ज़िक्र ए शोहदा ए कर्बला, नात-मनकबत व दुआ का प्रोग्राम हुआ। ज़ोहर की नमाज़ के बाद खानकाहे हुसैनी हज़रत ख्वाजा सैय्यद दाता हसन सालार शाह (रह०अलै०) की दरगाह पर ज़िक्र ए शोहदा ए कर्बला की शुरुआत तिलावते कुरानपाक से हाफिज़ मोहम्मद शोहब ने की, उसके बाद नात व मनकबत हुई, जिसमें जिसने हक़ करबला में अदा कर दिया अपने नाना का वादा वफ़ा कर दिया सब कुछ उम्मत की खातिर फ़िदा कर दिया घर का घर सब सुपुर्दे-ख़ुदा कर दिया उस हुसैन इब्ने हैदर पे लाखो सलाम यह जो काबा है तुम ना समझोगे घर पुराना मेरे हुसैन का है। जिक्र ए शोहदा ए कर्बला में खानकाहे हुसैनी साहिबे सज्जादा इखलाक अहमद डेविड चिश्ती हुसैनी ने खिताब करते हुए कहा हुसैन मुस्तफा के युसुफ है, हुसैन का जितनी बार जिक्र होगा, उतनी बार हुज़ूर का दिल खुश होगा उस हुसैन का ज़िक्र हो रहा है जिसकों पैगम्बर ए इस्लाम अपने कंधो पर बैठाकर चलते हुसैन का ज़िक्र उम्मत कर रही आका कितने खुश होगे उस ज़िक्र हुसैन से। इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने दुआ की ऐ अल्लाह अपने हबीब, फातिमा जे़हरा, हसन हुसैन के सदके मुल्क में अमनों-अमान कायम रहने, मुल्क दहशतगर्द का खात्मा करने, मेरे मुल्क से कोरोना वायरस का खात्म कर कोरोना मरीज़ों को शिफा दे, हम सबको बुराइयों से बचाने, नमाज़ की पाबंदी करने, कुदरत के कहर से बचाने की दुआ की दुआ के बाद पंजतन पाक की ज़ियारत कराकर इमाम हुसैन की बारगाह में पंजतन पेश किया गया। ज़िक्र शोहदा ए कर्बला में इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, मोहम्मद जमील कादरी, मोहम्मद शकील, मोहम्मद जावेद कादरी, परवेज़ आलम वारसी, जुबैर रज़ा कादरी, आफताब अहमद, शाकिब हुसैन, मोहम्मद मोहसिन, मोहम्मद रौनक, एजाज़ रशीद, अबरार अहमद वारसी, मोहम्मद हफीज़, मोहम्मद तनवीर, अफज़ाल अहमद आदि लोग मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/महमूद/मोहित-hindusthansamachar.in