कोर्ट ने थानाध्यक्ष समेत दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ किया परिवाद दर्ज
कोर्ट ने थानाध्यक्ष समेत दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ किया परिवाद दर्ज
उत्तर-प्रदेश

कोर्ट ने थानाध्यक्ष समेत दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ किया परिवाद दर्ज

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जौनपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। जनपद के सिकरारा थाना क्षेत्र निवासी अनुसूचित जाति की वादिनी के घर में घुसकर लूटपाट करने, छेड़खानी व बेटे को थर्ड डिग्री देने के मामले में जब वादिनी ने एसओजी टीम समेत 12 पुलिसवालों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया तो उसे धमकियां मिलने लगी। इस मामले में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने थानाध्यक्ष सिकरारा व पुलिसकर्मियों पर परिवाद दर्ज किया है। वादिनी ने शुक्रवार को कोर्ट में परिवाद दाखिल किया कि 16 मार्च 2020 को कुछ पुलिस वाले उसके घर आए उसे मारे पीटे, बेटियों से छेड़खानी किए, रुपए व गहने लूट लिए, बेटे को जबरन उठा ले गए। सिकरारा थाने पर पूंछतांछ करने पर पता चला कि लाइन बाजार थाने ले गए हैं। लाइन बाजार जाने पर पुलिस ने बेटे को छोड़ने के लिए 30 हजार रू. मांगे, उसने रुपए भी दे दिया। 18 जून को लाइन बाजार पुलिस ने 19500 रू. वादिनी को वापस दे दिए और कहा कि शेष रुपए एसओजी टीम वाले रख लिए हैं। बाद में पुलिस व एसओजी टीम ने उसके बेटे का थाना बक्सा में फर्जी मुकदमे में चालान कर दिया। उसे थर्ड डिग्री दी गई। मुकदमे से नाराज होकर थानाध्यक्ष सिकरारा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ 28 जून 2020 की रात जबरन उसके घर में घुस आए और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गालियां देते हुए कहा कि एसओजी टीम व अन्य पुलिस वालों के खिलाफ जो मुकदमा दायर किया है, उसे उठा लो नहीं तो लड़कियों की इज्जत लूट लेंगे तथा तुम्हारे बेटे का एनकाउंटर कर देंगे। वादिनी ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को दरखास्त दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तब उसने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाया है। हिन्दुस्थान समाचार/विश्व प्रकाश/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in