कोरोना संक्रमित कैदी का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, प्रशासन ने कराया अंतिम संस्कार
कोरोना संक्रमित कैदी का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, प्रशासन ने कराया अंतिम संस्कार
उत्तर-प्रदेश

कोरोना संक्रमित कैदी का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, प्रशासन ने कराया अंतिम संस्कार

news

बांदा, 12 सितम्बर (हि.स.)। गैर इरादतन हत्या के मामले में जेल भेजे गए एक कैदी की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई, जबकि मृतक की पत्नी ने जेलर और जेल के चिकित्सक पर हत्या का आरोप लगाए जाने के कारण मौत के 6 दिन तक शव का अंतिम संस्कार नहीं कराया गया। आज जब मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो प्रशासन ने आनन-फानन में परिवार की गैरमौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया। बताते चलें कि 15 अगस्त 2020 को पैलानी थाना क्षेत्र के चौकी पुरवा निवासी गुलबदन को गैर इरादतन हत्या के मामले में पुलिस ने जेल भेज दिया था। जेल में ही 1 सितंबर को जांच में वह कोरोना संक्रमित पाया गया था और 6 सितंबर को उसकी मौत हो गई। क्योंकि कैदी की मौत कोरोनावायरस कारण हुई थी इसलिए शव उसके परिजनों को नहीं दिया गया, हालांकि घटना की जानकारी मृतक की पत्नी जय रानी को दी गई। इधर जयरानी पत्नी स्वर्गीय गुलबदन ने मुख्यमंत्री को 8 सितंबर को भेजे गए एक पत्र में कहा है कि जब पति को जेल भेजा गया था तब वह पूरी तरह स्वस्थ थे। 6 सितंबर को जेलर जिला कारागार द्वारा सूचना दी गई थी कि मेरे पति की तबीयत खराब है जेल में आकर देख जाए जब मैं अपने ससुर राजाराम व जेठ शिव बरन, बदलू व फूलचंद तथा परिवार के अन्य लोगों के साथ जिला कारागार पहुंची तो पता चला कि उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया और मेडिकल कॉलेज में पता चला कि उनकी सुबह ही मौत हो गई थी। महिला ने आरोप लगाया कि मेरे पति गुलबदन के शव का बिना शिनाख्त के पुलिसकर्मियों द्वारा पंचनामा भरकर शव विच्छेदन कराया गया। पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं है, बिसरा जांच हेतु भेजा गया है शरीर में खून की कमी व शरीर पीला पड़ना डॉक्टर द्वारा लिखा गया है। मेरे पति गुलबदन कि रंजीत सिंह जेलर जिला कारागार व जेल के डॉक्टर जी पी मिश्रा की साजिश से जेल में ही हत्या कराई गई है।महिला ने इस मामले में जेलर जिला कारागार वह जेल के डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। बताया जाता है कि शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए मृतक के परिजनों को सूचना दी गई थी लेकिन वह अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचे। जिससे शव मोर्चरी में रखवा दिया गया था। 6 दिन बाद शव में कीड़े पड़ गए और मामला मीडिया की सुर्खियां बना, जिससे प्रशासन भी हरकत में आया। उधर आज राज्यसभा सदस्य जयप्रकाश निषाद ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा है, जिसमें मृतक की पत्नी के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि जेलर व डॉक्टर ने वादी को कोई सूचना दिए बगैर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम करा दिया इसलिए इस मामले में मुकदमा लिख कर कार्रवाई की जाए।इस बीच सीएमएस डॉ संपूर्णानंद मिश्र ने बताया कि जिला अधिकारी के आदेश पर आज परिवार की गैरमौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल/राजेश-hindusthansamachar.in