कोरोना संक्रमण के कारण रक्षाबंधन पर किया आधुनिक तकनीक का प्रयोग, इंटरनेट से भेजी राखी
कोरोना संक्रमण के कारण रक्षाबंधन पर किया आधुनिक तकनीक का प्रयोग, इंटरनेट से भेजी राखी
उत्तर-प्रदेश

कोरोना संक्रमण के कारण रक्षाबंधन पर किया आधुनिक तकनीक का प्रयोग, इंटरनेट से भेजी राखी

news

हापुड़, 01 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन पर्व रोडवेज की अतिरिक्त बसें चलाने और महिलाओं को निःशुल्क या़त्रा कराने की घोषणा के बावजूद अधिकतर महिलाएं इस पर्व पर भी अपने घरों में रहना ही अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। अधिकतर विवाहिताओं ने रक्षाबंधन के पर्व पर भाई के घर जाने के बजाय डाक द्वारा राखी भेज दी है। संपूर्ण देश में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण इस वर्ष सभी त्योहारों पर चहल-पहल गायब रही है। इस दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रयासों के चलते जनपद के अधिकतर स्थानों पर बाजार भी बन्द रहे हैं। रक्षा बंधन का पर्व भी कोरोना की मार से बच नहीं पाया है। इस पर्व पर अधिकतर विवाहित महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए अपने मायके जाती हैं, लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के प्रकोप के कारण उन्होंने राखी डाक से भेज कर अपने ही घर में सुरक्षित रहने का निर्णय लिया है। हापुड़ नगर के मोहल्ला चन्द्रलोक काॅलोनी निवासी सविता त्यागी ने बताया कि वह प्रति वर्ष अपने भाई को राखी बांधने के लिए दादरी एनटीपीसी स्थित विद्युत नगर में उसके घर जाती थी। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण उन्होंने भाई के घर नहीं जाने का निर्णय लिया। उन्होंने अपनी राखी डाक द्वारा भेज दी और भाई ने राखी बांधने के बाद दिए जाने वाले रुपये उनके खाते में स्थानांतरित कर दिए। दोनों ने फोन पर बात कर एक-दूसरे को रक्षाबंधन की बधाई भी दे दी। गढ़मुक्तेश्वर की दुर्गा काॅलोनी निवासी रेखा शर्मा ने बताया कि उन्होंने कोरोना संक्रमण के कारण रक्षाबंधन पर अपने भाई के घर जाने के बजाय इंटरनेट के माध्यम से ई-राखी भेजी है। उसे देखकर भाई भी काफी उत्साहित है। उनके भाई ने भी ई-बैकिंग के माध्यम से उनके खाते में रक्षाबंधन पर दिए जाने वाले रुपये उनके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। उन्होंने कहा कि समय और परिस्थितियों को देखते हुए हमें अपनी परंपराओं में परिवर्तन कर लेना चाहिए। पहले हमें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। पिलखुवा के सर्वोदय नगर निवासी मामचन्द आर्य ने बताया कि प्रति वर्ष उनकी बहन राखी बांधने के लिए उनके घर आती थीं। इस बार भी उन्होंने यहां आने का कार्यक्रम बनाया हुआ था। उन्होंने अपनी बहन को सलाह दी कि वह राखी उन्हें कोरियर कर दे और जब कोरोना के दैत्य से देश को मुक्ति मिल जाएगी, तब वह किसी दिन भी उनसे मिलने आ जाए। उन्होंने कहा कि पर्व तो प्रतिवर्ष आते रहते हैं। यदि परंपराओं का पालन करने के प्रयास में कोई भी कोरोना संक्रमित हो गया तो जीवन के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए सभी को अपने-अपने घरों में रहकर पूरे उत्साह और उल्लास से पर्व मनाने चाहिए। हिन्दुस्थान समाचारध्विनम्र व्रत त्यागी-hindusthansamachar.in