कोरोना संकट : निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू, आरटीई में प्रवेश प्रक्रिया ठप
कोरोना संकट : निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू, आरटीई में प्रवेश प्रक्रिया ठप
उत्तर-प्रदेश

कोरोना संकट : निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू, आरटीई में प्रवेश प्रक्रिया ठप

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-गरीब अभिभावकों की चिंता बढ़ी वाराणसी, 07 सितम्बर (हि.स.)। कोरोना संकट काल में भले ही निजी विद्यालय बंद चल रहे है। लेकिन इन विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। स्कूल प्रबन्धन ऑनलाइन हर विषय की पढ़ाई करा रहे हैं। अध्यापक अभिभावकों से लगातार फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में बने हुए हैं। वाट्सएप के माध्यम से होम वर्क भी कराया जा रहा है। यह देख गरीब अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी है। उन्हें चिंता है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) में प्रवेश प्रक्रिया ठप होने से उनके बच्चों के दाखिले कब तक होंगे। इस पर फिलहाल संशय बरकरार है। कोरोना के कारण प्रवेश प्रक्रिया काफी पिछड़ चुकी है। शिक्षा विभाग की ओर से आरटीई में प्रवेश को लेकर कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। इन विद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन कर चुके अभिभावक चिंता में हैं कि निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों पर एडमिशन मिलेगा या नहीं। सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने सोमवार को बताया कि इन विद्यालयों में प्रवेश के लिए मार्च माह से ही आवेदन लिए जा रहे थे। कई बार अंतिम तिथि बढ़ने के बाद 10 अगस्त तक फार्म भरे गए। इस बार अभिभावकों की ओर से प्रवेश के लिए रिकॉर्ड तोड़ आवेदन किया गया है। स्वैच्छिक सेवा प्रदाता शिक्षिका पूजा गुप्ता का कहना है कि निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। तो फिर आरटीई एडमिशन भी शुरू कराया जाना चाहिए ताकि गरीब तबके के बच्चे पढ़ाई से पीछे न हटे। गौरतलब है कि निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिले के लिए नगर में तीसरी व अंतिम तथा ग्रामीण में दो चरणों की सूची एक साथ जारी कर दी गई है। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार लगभग 5000 बच्चों का निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिले के लिए चयन होगा। ग्रामीण क्षेत्र के तीसरे चरण की सूची जल्द जारी की जाएगी है। राजकुमार गुप्ता का कहना है कि सूची में शामिल कई छात्रों का प्रवेश लेने में कुछ विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों से पैसे मांग रहे हैं । उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में खण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) आराजी लाइन स्कन्द गुप्ता का कहना है कि प्रवेश के लिए पत्र भी बीआरसी से दिया जा रहा है। यदि सूची में शामिल किसी बच्चे का कोई विद्यालय पैसे मांग रहा है, प्रवेश नहीं लेता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/दीपक-hindusthansamachar.in