कोरोना संकट काल में मजदूरों का पलायन शुरू
कोरोना संकट काल में मजदूरों का पलायन शुरू
उत्तर-प्रदेश

कोरोना संकट काल में मजदूरों का पलायन शुरू

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-गैर प्रांतों से लाँक डाउन में आये प्रवासियों के सामने रोजगार के पड़े लाले -बुन्देलखंड क्रांति दल ने प्रवासियों के पलायन करने की मजबूरी पर जताई चिंता हमीरपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। जनपद में कोरोना काल में रोजगार न मिलने से अब मजदूरों के पलायन करने का सिलसिला शुरू हो गया है। लाँकडाउन के दौरान गैर राज्यों से लौटकर आये प्रवासियों के सामने अब रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गांव में उनके मन मुताबिक कोई काम न मिलने से गांव के गांव खाली होने लगे है। बुन्देलखंड क्रांति दल ने शुक्रवार को प्रवासियों के पलायन करने की मजबूरी पर चिंता जतायी है। जनपद में कुरारा, सुमेरपुर व मुस्करा क्षेत्र के कई गांवों के हजारों लोग सूरत, मुम्बई, दिल्ली और हरियाणा में फैक्ट्री में काम करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। बीस से पच्चीस हजार की पगार कमाने वाले प्रवासियों का जीवन खुशहाली से चल रहा था लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण फैक्ट्री बंद हो गयी। लाँकडाउन के दौरान सभी मजदूर अपने परिवार के साथ वापस गांव लौट आये थे लेकिन गांव में भी प्रवासियों को काम नहीं मिल रहा है। जो प्रवासी पांच सौ से छह से सौ रुपये की दिहाड़ी महानगरों में कमाते थे उन्हें दो सौ रुपये की दिहाड़ी में दिन भर फावड़े चलाने पड़े। गर्मी के मौसम में फावड़े न चलाने वाले प्रवासियों ने कुछ दिनों तक परिवार के भरण पोषण के लिये फावड़े चलाये लेकिन अब प्रवासी घर बैठ गये है। फावड़े चलाने पर उनके हाथ में छाले भी पड़ गये है। देश में अनलाक होने पर अब गांवों के मजदूरों ने महानगरों की ओर से पलायन करना शुरू किया है। कुरारा क्षेत्र के झलोखर गांव में ही कई दर्जन मजदूर पलायन कर गये है। बुन्देलखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र अग्रवाल ने शुक्रवार को शाम बताया कि मजदूरों के पलायन की मजबूरी चिंताजनक है। घर-घर जाकर मजदूरों का दुख दर्द सुना गया तो ज्यादातर मजदूरों ने यहीं कहा कि गांव में उनके हिसाब से कोई रोजगार नहीं है। ऐसे में परिवार के भरण पोषण का कोई दूसरा रास्ता भी नहीं दिख रहा है। इसीलिये प्रवासी मजदूर परिवार समेत घर से महानगर की ओर चल पड़े है। बुन्देलखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष ने बताया कि बुन्देलखंड से लोगों के पलायन को रोकने के लिये अब उन्हें बुंदेलखंड पृथक राज्य अभियान से जोड़ा जायेगा। इस अभियान में युवकों की टीम बनायी जा रही है। जो प्रवासियों को पृथक राज्य के निर्माण की मांग के लिये तैयार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जब तक पृथक बुन्देलखंड राज्य के निर्माण का सपना साकार नहीं करती तब तक इस पूरे भूभाग की तस्वीर नहीं बदलेगी। पृथक राज्य बनने से बुन्देलखंड में रोजगार के अवसर सुलभ होंगे, जिससे लोगों का पलायन रुकेगा। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/दीपक-hindusthansamachar.in