कोरोना के साथ संचारी रोगों पर भी लोगों के ध्यान के लिए चला अभियान
कोरोना के साथ संचारी रोगों पर भी लोगों के ध्यान के लिए चला अभियान
उत्तर-प्रदेश

कोरोना के साथ संचारी रोगों पर भी लोगों के ध्यान के लिए चला अभियान

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कानपुर देहात, 22 सितम्बर (हि. स.)। जनपद में कोविड के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ही नहीं आम जनता भी खौफ में है। ऐसे में, ज्यादातर मरीज कोविड की जांच कराने पर ही ध्यान दे रहे हैं। वहीं, मौसम बदलने के साथ ही वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया जैसे रोगों का भी खतरा बढ़ जाता है। इसी कड़ी में रूरा थानाक्षेत्र के कमालपुर के बालाजी आश्रम में मंगलवार को 50 से अधिक लोगों ने कोरोना की जांच कराई । इस दौरान डॉक्टरों ने कोरोना से अलावा अन्य संचारी रोगों से बचने व जांच कराने के लिए लोगों को जागरूक किया। कोरोना संक्रमण के चलते लोगों में डर का आलम यह है कि वह सामान्य खांसी, बुखार को भी कोरोना वायरस समझ रहे हैं। राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉक्टर केपी त्रिपाठी ने बताया कि हर खांसी, जुकाम या बुखार कोरोना नहीं होता है, लोग कोविड के लक्षण समझकर धोखा खा जाते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। नाक बहती है और बदन में थकान रहती है। जबकि सामान्य जुकाम में ऐसा नहीं होता है। इसमें व्यक्ति बिना दवाई के अपनी प्रतिरोधक क्षमता से ही ठीक हो जाता है। उन्होंने बताया कि अगर खांसी, जुकाम या बुखार आता है तो स्वयं इलाज न करके तुरंत प्रशिक्षित डॉक्टर को दिखाएं। बीते एक जुलाई से विशेष संचारी अभियान भी चलाया जा रहा है। वायरल बुखार मुख्यतः बदलते मौसम के कारण होता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर इससे बच सकते हैं। वायरल बुखार के लक्षण खांसी, जुकाम, गले में दर्द, बुखार, जोड़ों में दर्द, उलटी व दस्त इसके मुख्य लक्षण हैं। ऐसे होते हैं मलेरिया के लक्षण मलेरिया में सर्दी व कंपकपी के साथ में एक दिन छोड़कर बुखार आता है। इसमें तेज बुखार व सिरदर्द होता है। बुखार उतरने पर पसीना आता है। कमजोरी महसूस होने के साथ उलटी भी आती है। इस दौरान डॉक्टर अशोक कुमार, डॉ राजेश अरोड़ा, गोविंद श्रीवास्तव, अनुपम बाजपेयी, राघवेंद्र, संजय उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/अवनीश/मोहित-hindusthansamachar.in