कोरोना किट भ्रष्टाचार: सपा ने की हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर जांच की मांग
कोरोना किट भ्रष्टाचार: सपा ने की हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर जांच की मांग
उत्तर-प्रदेश

कोरोना किट भ्रष्टाचार: सपा ने की हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर जांच की मांग

news

-पार्टी एमएलसी प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को सौंपा ज्ञापन लखनऊ, 12 सितम्बर (हि.स.)। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के नेतृत्व में पार्टी एमएलसी प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को शनिवार को भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार में वृद्धि, कोरोना मरीजों की भयावह स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं के खस्ताहाल होने का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा। इसमें पार्टी ने कहा कि वर्तमान समय में देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की जनता कोरोना संक्रमण से पीड़ित और संकटों से गुजर रही है। प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता को सुचारू रूप से स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराए, विश्वास और सुरक्षा का भाव जगाए। लेकिन, प्रदेश के कोरोना मरीजों को ना तो अस्पतालों में बेड मिल पा रहे हैं और ना ही एकांतवास केन्द्रों (क्वारंटाइन सेन्टर) में साफ-सफाई की व्यवस्था है। इसके अलावा भोजन का भी उचित प्रबंध नहीं है। पाटी ने कहा कि अनियोजित लॉकडॉन के चलते कई लाख प्रवासी श्रमिक उत्तर प्रदेश अपने घर वापस आए। सरकार ने दावा किया था कि उनकी मैपिंग कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन, दावे के उलट सच्चाई यह है कि आर्थिक तंगी, नौकरी नहीं होने और व्यापार बंद होने के कारण लोगों ने आत्महत्या कर ली। अस्पतालों में ऑक्सीजन न मिलने से कोरोना मरीजों की मौत हुई। एकांतवास केन्द्र में भी सांप काटने से भी मौत की घटना सामने आई। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर समेत प्रदेशभर के जिलों के अस्पतालों की हालत इतनी खराब है कि कोरोना मरीजों के छलांग एवं फांसी लगाकर आत्महत्या जैसे प्रकरण भी सामने आए। कन्नौज के भाजपा विधायक के भाई की घटना इसमें शामिल है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पर इन अव्यवस्थाओं को दूर कर जनता को राहत देने की जिम्मेदारी है। लेकिन, वह हर मोर्चे पर फेल है और भ्रष्टाचार में लीन है। आपदा को भ्रष्टाचार के अवसर में बदलने वाली भाजपा सरकार में स्वास्थ्य एवं सफाई संबंधी उपकरणों और सामग्री खरीदने व्यापक घोटाले हो रहे हैं। पार्टी ने ऐसे प्रकरण उठाते हुए कहा कि कोरोना किट से लेकर उपकरण खरीद में घोटाले किए गए। प्रदेश सरकार द्वारा सभी 75 जनपदों में ग्राम सभाओं में डोर टू डोर संरक्षण के लिए ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीद की गई। मुख्य सचिव ने आदेश पारित किया कि सभी विभाग पोर्टल से ही खरीद करें। अगर दूसरी अन्य प्रक्रिया के तहत विभाग खरीद करते हैं तो वह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना जाएगा। लेकिन, इस आदेश को धता बताते हुए उपकरणों की कई गुना ज्यादा दर पर खरीद की गई। प्रतापगढ़ में 2700 रुपये के थर्मल स्कैनर और ऑक्सीमीटर को 12,500 में खरीदा गया। चंदौली में 734 ग्राम सभाओं और 65 नगर निकाय वार्डों के लिए 1,598 थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर दोगुना से ज्यादा दाम पर खरीदे गए। झांसी में 1,500 रुपये का ऑक्सीमीटर 4,000 रुपये में खरीदा गया सुल्तानपुर में 2,800 रुपये के बजाए 9,950 रुपये में और गाजीपुर में 5,800 में पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मोमीटर खरीदे गए। कहीं कहीं 20,000 तक की की गई। खरीद में ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर के दामों में तो खेल किया गया ही साथ ही हैंड ग्लव्स एन 95 मास्क और इसी की बनी कैप इन के दाम भी आसमानी लगाए गए। इसी प्रकार उन्नाव, सीतापुर सहित प्रदेश के सभी जनपदों में कोरोना के नाम पर हुई खरीदने व्यापक अनियमितता और भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार हुआ है। जनपद मेरठ में मामला सामने आया कि 2,500 रुपये दो और कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव लो। इस प्रकार इस प्रकार के गोरखधंधे एवं जीवन से खिलवाड़ सरकार की नाक के नीचे चल रहे थे। सरकारी कर्मचारी पीपीई किट के अभाव में पुरानी पीपीई किट धोकर पहन रहे हैं। पार्टी ने कहा कि दूसरी तरफ प्रदेश सरकार अब तक कोरोना की रोकथाम के मद में लगभग 2,400 करोड़ खर्च करने का दावा कर रही है। पार्टी ने राज्यपाल से अपील की कि उच्च न्यायालय के वर्तमान जज की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करते हुए संपूर्ण प्रकरण की जांच कराने कराई जाए। ज्ञापन में प्रदेश अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य नरेश उत्तम पटेल सहित अन्य एमएलसी डॉ. राजपाल कश्यप, अरविंद कुमार सिंह, आनंद भदौरिया और सुनील सिंह साजन के हस्ताक्षर हैं। इससे पहले योगी सरकार सुलतानपुर तथा गाजीपुर सहित कुछ अन्य जनपदों की ग्राम पंचायतों में पल्स ऑक्सीमीटर तथा इन्फ्रारेड थर्मामीटर की बाजार मूल्य से अधिक दर पर खरीद के मामले में गुरुवार को अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग रेणुका कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर चुकी है। सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग अमित गुप्ता तथा सचिव नगर विकास एवं एमडी जल निगम विकास गोठलवाल को इस एसआईटी का सदस्य नामित किया गया है। एसआईटी पूरे प्रकरण की जांच कर दस दिन में अपनी रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करेगी। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/राजेश-hindusthansamachar.in