कोरोना का खतरा अभी कम नहीं हुआ काढ़े और गर्म पानी का लगातार करें सेवन
कोरोना का खतरा अभी कम नहीं हुआ काढ़े और गर्म पानी का लगातार करें सेवन
उत्तर-प्रदेश

कोरोना का खतरा अभी कम नहीं हुआ काढ़े और गर्म पानी का लगातार करें सेवन

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-बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोजाना करें योग : डा. राणा गाजियाबाद, 16 सितम्बर(हि.स.)। कोरोना का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। बल्कि देखा जाए तो धीरे-धीरे हो रहे अनलॉक से अभी यह खतरा और बढ़ रहा है। इसलिए सावधानी और बढ़ा दें। सयंमित जीवन जीएं। रोजाना दिन की शुरुआत योग के साथ करें और दिन में कम से कम एक बार काढ़ा अवश्य पिएं। इसके अलावा जहां तक संभव हो सके पीने के लिए हल्के गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें। बाहर से घर लौटने पर काढ़ा पीना बेहतर रहेगा। यदि काढ़ा पीना संभव न हो तो गर्म पानी पिएं। इससे गले में पहुंचे किसी भी संक्रमण की रोकथाम हो सकेगी। भाप लेना भी संक्रमण की रोकथाम के लिए कारगर होता है। इसके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए गिलोय का इस्तेमाल करें। यह बातें क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी डा. अशोक राणा ने कहीं। डा. राणा का कहना है कि दिन की शुरूआत योग से करने पर शरीर को रोगों से लड़ने के लिए शक्ति मिलती है। प्राणायाम करने से जहां मन को शांति मिलती है वहीं यह शरीर को उर्जावान भी बनाता है। इसका सबसे बड़ा कारण तो यही है कि प्राणायाम के दौरान गहरी सांस लेने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्त हो जाती है। सामान्य तौर पर जिन अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, गहरी सांस लेने से वहां भी ऑक्सीजन पहुंच जाती है। ऑक्सीजन प्राण वायु है। कोविड-19 होने पर भी गंभीर मरीजों के शरीर में ऑक्सीजन का सेच्यूरेशन कम हो जाने से परेशानी होती है। इसलिए जरूरी है कि प्राणायाम आदि करके शरीर में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा बनाए रखें। उन्होंने बताया आयुष विभाग की ओर से गाजियाबाद में दो योग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। एक नंदग्राम में और दूसरा शास्त्रीनगर में। दोनों योग केंद्रों पर एक-एक योग शिक्षक और एक-एक सहायक तैनात हैं। वैसे तो अनुलोम-विलोम, उज्जयी और भ्रामरी जैसे प्राणायाम आप खुद भी कर सकते हैं, लेकिन योग केंद्र जाकर अभ्यास शुरू करें तो और बेहतर होगा। अनुलोम- विलोम करने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर अच्छा बना रहता है। इसके अलावा उज्जयी प्राणायाम करने से गला अच्छा रहता है। पांच से सात मिनट तक यह अभ्यास करने से लाभ मिलता है। धीरे-धीरे अभ्यास का समय बढ़ा लें। डा. राणा ने बताया आजकल काफी लोग काम-धंधे बंद होने से परेशान हैं। नौकरियां जाने से तमाम लोग मानसिक रूप से परेशान हैं। ऐसे में सयंमित जीवन की ओर बढ़ना अच्छा होता है। भ्रामरी प्राणायाम करने से क्रोध, चिंता और उत्तेजना में कमी आती है। आत्म विश्वास बढ़ने के साथ ही इस प्राणायाम से मन शांत होता है और रक्तचाप भी सामान्य हो जाता है। उच्चरक्तचाप के मरीजों को इस प्राणायाम से विशेष लाभ मिलता है। हिन्दुथान समाचार /फरमान अली / रामानुज-hindusthansamachar.in