कोरोना अलर्ट : शासन ने 21 सितम्बर तक चित्रकूट के मेलो में होने वाली भीड़-भाड़ पर लगाई रोक
कोरोना अलर्ट : शासन ने 21 सितम्बर तक चित्रकूट के मेलो में होने वाली भीड़-भाड़ पर लगाई रोक
उत्तर-प्रदेश

कोरोना अलर्ट : शासन ने 21 सितम्बर तक चित्रकूट के मेलो में होने वाली भीड़-भाड़ पर लगाई रोक

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-पितृ विसर्जनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं से चित्रकूट न आने की संतों और प्रशासन ने की अपील चित्रकूट,10 सितम्बर (हि.स.)। धर्म नगरी के हिन्दू धर्म गुरुओं और संत महात्माओं के साथ गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय एवं पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने पितृ विसर्जनी अमावस्या एवं मलमास माह को सकुशल संपन्न कराने की रणनीति तय की। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संत महात्माओं का स्वागत करते हुए कहा कि कोरोना काल के समय से हम लोग अमावस्या मेला के संबंध में बैठकें करते आये हैं। बताया कि अभी शासन द्वारा 21 सितंबर तक भीड़-भाड़ होने की अनुमति नहीं दी गई है। इसको देखते हुए पूर्व की भांति पितृ विसर्जनी अमावस्या को भी मनाया जायेगा। कहा कि कोरोना महामारी इतनी खतरनाक है कि आप समझ नहीं पाएंगे कि आपको कब लक्षण हो जाएं। यह महामारी पूरे विश्व में फैली हुई है लाखों लोग काल के गाल में समा चुके हैं। जिले में 4 लोगों की मृत्यु हुई है, 230 मरीज कोविड-19 अस्पताल में भर्ती हैं तथा 60 लोग होम आइसोलेशन में है। यह बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है। श्रद्धालुओं से अपील करते हुए डीएम ने कहा कि भगवान श्री कामदनाथ के दर्शन अपने-अपने घरों से ही करें। पितृ विसर्जन भी अपने घरों पर ही करें। कण-कण में भगवान हैं। पूर्व की भांति इस बार भी अमावस्या मेला को सकुशल संपन्न कराया जाएगा। कोई श्रद्धालु अगर आ जाता है तो उसके साथ कोई अभद्रता नहीं करेंगे। उन्होंने संत-महात्माओं से कहा कि आप अपने स्तर से भी श्रद्धालुओं को अपील जारी करें ताकि अमावस्या मेला में लोग न आए। उन्होंने अपर जिलाधिकारी से कहा कि आसपास के जिलों पर पत्र भेजकर श्रद्धालुओं से न आने की अपील की जाये। उन्होंने साफ सफाई, पेयजल, विद्युत, नाव, घाट की सफाई आदि सभी व्यवस्थाओं से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व की भांति सभी व्यवस्थाएं अभी से सुनिश्चित करा ले। ताकि पितृ विसर्जन अमावस्या में समस्या न हो। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने कहा कि पूर्व की भांति इस अमावस्या मेला में भी सभी साधु-संत जिला प्रशासन का सहयोग करे। पहले लाखो की संख्या में श्रद्धालु चित्रकूट आकर मन्दाकिनी में तर्पण करते थे। लेकिन आज कोरोना महामारी ने स्थितियां बदल कर रख दी है। अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने से कोरोना के फैलाव की आशंका है। ऐसी परिस्थितियों में लोग घरों में रह प्रभु कामतानाथ जी की आराधना करें। केस लगातार बढ़ रहे हैं,इसलिए सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इसके अलावा कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास ने कहा कि अभी तक अमावस्या मेला को सकुशल संपन्न कराया गया है, जिला प्रशासन का सहयोग किया गया है। मठ-मंदिरों में जो संत महात्माओं का आर्थिक आधार एकमात्र अमावस्या है। जिसमें वह अपने संत परिवार का भरण पोषण करते हैं। उसमें कुछ समस्याएं हैं लेकिन महामारी को देखते हुए अभी भीड़ एकत्रित न की जाये। इसलिए सभी श्रद्धालु अपने-अपने घरों से ही भगवान कामतानाथ के दर्शन पूजा अर्चन करें, यही मेरी सबसे अपील है। दिगंबर अखाड़ा भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास ने कहा कि चित्रकूट में भगवान की ऐसी महिमा रही है कि अनेकों समस्याओं का निदान हुआ है। इस संकट काल में भी पूर्व अमावस्या पर व्यवस्था जो हुई है उसी के अनुसार इस बार भी कराया जाए। श्रद्धालुओं के लिए अमावस्या मेला में न आने का प्रचार-प्रसार कराया जाये। बैठक में अपर जिलाधिकारी जी पी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरूप पांडेय, उपजिलाधिकारी कर्वी राम प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार पांडेय, सहित संबंधित अधिकारी व संत महात्मा मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/रतन/राजेश-hindusthansamachar.in