कोयला क्षेत्र में प्रौद्योगिकी को अपनाना आवश्यक, छात्रों को कार्य करने का मिलेगा अवसर : पीयूष कुमार
कोयला क्षेत्र में प्रौद्योगिकी को अपनाना आवश्यक, छात्रों को कार्य करने का मिलेगा अवसर : पीयूष कुमार
उत्तर-प्रदेश

कोयला क्षेत्र में प्रौद्योगिकी को अपनाना आवश्यक, छात्रों को कार्य करने का मिलेगा अवसर : पीयूष कुमार

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वाराणसी,17 अक्टूबर (हि.स.)। भारत सरकार कोयला मंत्रालय के निदेशक तकनीक पीयूष कुमार ने कहा कि कोयला क्षेत्र में वृहद विकास के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाना आवश्यक है। कोयला क्षेत्र के सतत विकास और विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भागीदारी के लिए मंत्रालय अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों और शिक्षकों के साथ इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन भी कर रहा है। निदेशक तकनीक पीयूष कुमार शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) के खनन इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। कुमार ने छात्रों को भारत सरकार के मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और स्टार्ट अप कार्यक्रम के लिए मंत्रालय द्वारा की गई पहल को भी बताया। निदेशक ने मंत्रालय के सचिव अनिल कुमार जैन द्वारा लांच किए गए वेबसाइट की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि वेबसाइट इस क्षेत्र में होने वाले अनुसंधान की जानकारी देता है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ऑनलाइन माध्यम से इस क्षेत्र में दिए गए प्रस्ताव को स्वीकार करता है और छात्रों को विभिन्न परियोजनाओं में काम करने का अवसर प्रदान करता है। संवाद में विभाग के 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया और कोयला क्षेत्र में विभिन्न प्रौद्योगिकी का परिचय देते हुए अपने नवीन विचार भी रखे। ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को कोयला क्षेत्र में प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी के विकास जैसे सेंसर, कम्युनिकेशन, सॉफ्टवेयर प्रोग्राम एवं इसके विभिन्न एप्लीकेशन में प्रयोग जैसे प्रौद्योगिकी को बढ़ाने में सहयोग प्रदान करने के लिए आमंत्रित किया गया। साथ ही थर्मल स्कैनिंग में ड्रोन एप्लीकेशन, 3डी मॉडलिंग, एनवायरमेंट मॉनिटरिंग, रिहैबिलिटेशन के बारे में चर्चा की गई। विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पीयूष राय ने छात्रों और सहभागियों को संबोधित किया एवं विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में अपने नए विचार लाने के लिए प्रोत्साहित भी किया। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/उपेन्द्र-hindusthansamachar.in