कैदियों की कलाई रक्षाबंधन को नहीं रहेगी सूनी
कैदियों की कलाई रक्षाबंधन को नहीं रहेगी सूनी
उत्तर-प्रदेश

कैदियों की कलाई रक्षाबंधन को नहीं रहेगी सूनी

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बांदा,31 जुलाई (हि.स.)।भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व 3 जुलाई को मनाया जाएगा, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते वर्षों से जेल में कैद भाइयों को बहने राखियां नहीं बांध पाएंगी, हालांकि जेल प्रशासन उन बहनों की राखियां जेल में बंद कैदियों तक पहुंचाएगा ताकि भाइयों की कलाई रक्षाबंधन को सूनी न रहे। वैश्विक महामारी कोरोना की चपेट में आकर कई त्यौहार अपनी फीेके पड गए है। आने वाले त्यौहारों पर भी इस महामारी की काली छाया पड़ती हुई दिखाई दे रही है। आगामी तीन अगस्त को भाई बहनों के स्नेह का त्यौहार रक्षाबंधन है। जिस पर कोरोना महामारी की मार पड रही है। बीते वर्षां में त्यौहार से पहले से बाजारों में रौनक आने लगती थी लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। इसके साथ ही महामारी की चपेट में आ रहे लोगों की बढ़ती संख्या के कारण भी लोग कम ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखा पा रहे है। जिसके कारण रक्षाबंधन पर्व पर ग्रहण लगता हुआ दिखायी दे रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन बहनों को हो रही है जिनके भाई जेलों में बंद है। कोरोना के चलते जेलों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कर दी गयी है। साथ ही बंदियों से मिलने वालों पर भी पाबंदी लगा दी गयी है। लेकिन मंडल मुख्यालय के कारागार ने इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया है। मंडल कारागार के बाहर हेल्प डेस्क बनाया जा रहा है। जहां पर रक्षाबंधन के उपलक्ष्य पर बहनें अपने भाईयों के लिए 1 अगस्त तक राखियां जमा कर सकती है।जिनकों बाद में जेल में बंद उनके भाईयो तक जेल प्रशासन द्वारा पहुंचाई जायेंगी। जेल अधीक्षक आर के सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन भाई बहनों के प्रेम का त्यौहार है। कोरोना महामारी के बाद भी किसी बहन को जेल में बंद उनके भाईयों के लिए राखियां दिलवायी जायेगी। इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किये जा रहे है। राखियों के अलावा अन्य खाद्य सामग्री व सामानों पर रोक रहेगी।बंदियों के लिए जेल प्रशासन की ओर से रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष भोजन की व्यवस्था की जायेगी। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल/मोहित-hindusthansamachar.in