केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की उप्र के बेसिक शिक्षा में किये जा रहे सुधारों की प्रशंसा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की उप्र के बेसिक शिक्षा में किये जा रहे सुधारों की प्रशंसा
उत्तर-प्रदेश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने की उप्र के बेसिक शिक्षा में किये जा रहे सुधारों की प्रशंसा

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-एनसीईआरटी की वर्चुअल बैठक में उप्र के बेसिक शिक्षा मंत्री ने रखी अपनी बात लखनऊ, 22 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा में तीव्र गति से किये जा रहे सुधारों और नवाचारों की प्रशंसा की है। प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी के सुझावों पर विचार करने का उन्होंने आश्वासन भी दिया है। डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक गुरुवार को एनसीईआरटी की महासभा की 57वीं जनरल काउन्सिल की वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश में किये जा रहे सुधारों एवं नवाचारों पर अपनी बात रखी तथा सुझाव दिए। डाॅ. द्विवेदी ने सुझाव देते हुए कहा कि बीएड, डीएलएड के ट्रेनिंग को एक करते हुए कक्षा एक से आठ तक कि बीएड ट्रेनिंग टीचर को ही उचित समझा जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह उच्च शिक्षा में सेवारत शिक्षकों के लिए ओरियंटेशन और रिफ्रेशन कोर्स चलाये जाते हैं उसी तर्ज पर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों के कोर्स चलाए जाएं। बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा में तीव्र गति से किये जा रहे सुधारों और नवाचारों की प्रशंसा की और मेरे द्वारा दिये गये सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया। डॉ. द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग विभाग में किये जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि’ बेसिक शिक्षा विभाग के रूपांतरण हेतु मिशन प्रेरणा लागू किया गया है। फॉउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी पर विशेष ध्यान केंद्रित किये जाने के दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बेसिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सितम्बर 2019 में महत्वाकांक्षी मिशन प्रेरणा का शुभारंभ एवं प्रेरणा तकनीकी फ्रेमवर्क का उद्घाटन किया गया है। मिशन प्रेरणा बेसिक शिक्षा विभाग का फ्लैगशिप कार्यक्रम हैं। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि छात्र-छात्राओं के लर्निंग आउटकम्स बढ़ाने हेतु बुनियादी शिक्षा एवं उपचारात्मक शिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है और कक्षा एक से पांच के हिंदी एवं गणित में छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं तथा अध्यापकों के क्षमता संवर्धन पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने बताया कि अध्यापकों के प्रशिक्षण हेतु निष्ठा कार्यक्रम के अंतर्गत सभी लगभग 5.75 लाख शिक्षकों, शिक्षा मित्रों एवं अनुदेशकों की क्षमता वृद्धि हेतु प्रत्येक जनपद में विकास खण्ड स्तर पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये। वर्तमान में शिक्षकों का ऑनलाइन प्रणाली से प्रशिक्षण गतिमान है। उन्होंने बताया कि दीक्षा एप पर शिक्षकों और विद्यार्थियों के उपयोगार्थ 4000 से अधिक वीडियो एवं विजुअल्स शिक्षण सामग्री उपलब्ध करायी गयी है। विद्यालयों एवं शिक्षकों को स्थलीय मार्गदर्शन देने एवं सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करने हेतु योग्य अध्यापकों में से लगभग 4400 एकेडमिक रिसोर्स परसन्स का चयन करते हुए प्रक्षिक्षण दिया गया है। छात्र-छात्राओं के लर्निंग आउटकम्स में वृद्धि के आंकलन हेतु त्रैमासिक एसेसमेंट टेस्ट सभी विद्यालयों में कराये गये हैं जिसमें परीक्षा की सुचिता एवं शुद्धता पर विशेष बल दिया गया है। श्री द्विवेदी ने बताया कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण बच्चे घर में सुरक्षित रहते हुए अपना पठन-पाठन सफलतापूर्वक कर सकें इस हेतु 150 व्हाट्सएप ग्रुप चलाए जा रहे हैं जिनमें प्रतिदिन पठन-पाठन सामग्री अध्यापकों एवं छात्र छात्राओं के लिए भेजी जा रही है। इसके अतिरिक्त मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला के अंतर्गत कक्षा एक से आठ तक के सभी बच्चों हेतु दूरदर्शन तथा आकाशवाणी के माध्यम से शैक्षिक कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं। कक्षा कक्ष को समृद्ध बनाने हेतु प्रत्येक विद्यालय को प्रिंटरिच मेटीरियल, लाइब्रेरी बुक्स आदि उपलब्ध कराते हुए विद्यालय के परिवेश को उत्कृष्ट बनाने की कार्यवाही गतिमान है। मंत्री ने बताया कि अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के ड्राप आउट एवं आउट ऑफ स्कूल बालिकाओं की आवासीय शिक्षा हेतु प्रदेश में संचालित समस्त 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में गैप एनालिसिस कराकर एवं स्थापना सुविधाओं के गणित कराए गए और चिन्हित अवस्था अपना कमियों को दूर करने हेतु समग्र शिक्षा के अंतर्गत धनराशि विद्यालयों को उपलब्ध कराते हुए अवस्थापना सुविधाओं को संतृप्तिकरण कराया गया है। इसके अतिरिक्त कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बालिकाओं तथा स्टाफ की सुरक्षा एवं संरक्षा हेतु विस्तृत गाइडलाइंस जारी की गई है एवं होमगार्ड पीआरडी की व्यवस्था की गई है इन विद्यालयों को आदर्श आवासीय विद्यालयों के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में इन विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 की शिक्षा दी जाती है जिसमें बालिकाओं के आप आउट होने की संभावना बनी रहती है अतः राज्य सरकार द्वारा 350 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को उच्चरण कराया जा रहा है ताकि बालिकाओं को कक्षा 12 तक की शिक्षा का सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि गवर्नेंस एवं अनुश्रवण की व्यवस्था को सुधारने एवं संस्थागत स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग का एकीकृत प्रेरणा पोर्टल एवं मानव संपदा पोर्टल विकसित करते हुए पूरे प्रदेश में लागू किया गया है मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों को सेवा विवरण समस्त प्रकार के अवकाश विभिन्न देयकों का भुगतान, सेवापुस्तिका, चरित्र पंजिका कार्यों हेतु त्वरित एवं पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। डाॅ. द्विवेदी ने आगे बताया कि एनसीईआरटी द्वारा 70 जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों एवं परिषद के नियंत्रणधीन इकाइयों हेतु प्रवक्ताओं की नियुक्ति हेतु प्रेषित अधियाचन के क्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जा चुकी है। साथ ही जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों को राज्य स्तरीय संस्थानों में नवनियुक्त प्रवक्ताओं को अकादमिक शासकीय एवं शैक्षिक प्रक्रियाओं आदि से परिचित कराने हेतु ऑनलाइन आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एनसीईआरटी द्वारा 21 जुलाई से किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 20 दिवसीय है जिसे प्रतिदिन दो सत्रों में आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों एवं राज्य स्तरीय संस्थानों में नवनियुक्त प्रवक्ताओं का ऑनलाइन कम्प्यूटर प्रशिक्षण कराया गया तथा 16-10-2020 से निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी/दीपक-hindusthansamachar.in