कृत्रिम बाक्स में खुद पहुंच जाते है कीड़े, बिना कीटनाशक छिड़काव के हो रही खेती
कृत्रिम बाक्स में खुद पहुंच जाते है कीड़े, बिना कीटनाशक छिड़काव के हो रही खेती
उत्तर-प्रदेश

कृत्रिम बाक्स में खुद पहुंच जाते है कीड़े, बिना कीटनाशक छिड़काव के हो रही खेती

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सुल्तानपुर, 17 जुलाई ( हि. स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसानों की आय 2022 तक दोगुनी किए जाने के उद्देश्य से किसान व बागवानों के लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई नई डिवाइस वरदान साबित हो रही है। कृत्रिम बॉक्स में फेरों मैन ट्रैप कॉर्ड, लाइट ट्रैप कॉर्ड में मादा कीड़ों की लिक्विड लगी होती है, जिसमें नर कीड़े आकर्षित हो जाते हैं, जिसके कारण अब कीटनाशक दवाओं का प्रयोग बंद हो गया है। कृत्रिम डिवाइस के प्रयोग से पोषक तत्वों को सुरक्षित रखते हुए अनाज, फल और सब्जियों की गुणवत्ता व उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है। जिला कृषि अधिकारी विनय कुमार वर्मा ने शुक्रवार बताया कि फेरोमेन ट्रैप कार्ड के प्रयोग से जिले के किसानों को महंगी जहरीली दवाओं के छिड़काव से छुटकारा मिल गया है । उन्होंने बताया कि यही नहीं अब किसानों के सब्जी व फल के उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इसके पूर्व जहरीली दवाओं के छिड़काव से लोगों में कैंसर जैसी बड़ी बीमारियां होने का भय बना रहता था। कृषि अधिकारी ने बताया कि अपनी फसल तैयार करने में अब किसानों की लागत में भी कमी आई है, लागत कम होने से किसानों की आय बढ़ गई है, जिससे किसानों को प्रधानमंत्री का सपना साकार होने में मदद मिल रही है। कृषि विभाग की इस पहल की दुबेपुर ब्लॉक से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत की जा रही है। श्री वर्मा ने बताया कि डिवाइस को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भी भेजा है। फिलहाल लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में कृषि अधिकारियों ने इनकी डिवाइस को प्रामाणिकता दे दी है । जनपद के अधिकांश किसान इसका प्रयोग करने लगे हैं। किसानों ने गिनाए किट के फायदे किसान अशोक वर्मा ने कहा कि कृषि अधिकारी की नई तकनीक से किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब किसान स्वास्थ्यवर्धक सब्जी वह फल का उत्पाद कर रहे हैं। किसान रामकल्प पाल ने इस तकनीक के लिए कृषि विभाग को धन्यवाद ज्ञापित किया है , वही किसान राहुल वर्मा ने बताया कि कीटनाशक से मुक्त उत्पाद सब्जी की मांग मंडी में बढ़ गई है जिसके साथ साथ इस क्षेत्र की भी पहचान बढ़ती जा रही है। महिला किसान कांती ने बताया पहले बैगन तरोई करेले में लगे कीड़ों से उत्पादकता घट जाती थी, लेकिन जब से वहां इस कृत्य विधि का उपयोग कर रही हैं तब से उनकी सब्जियां पूरी तरह से सुरक्षित व कीड़ो से रहित हैं। हिन्दुस्थान समाचार/दयाशंकर/उपेन्द्र/दीपक-hindusthansamachar.in