कुशीनगर में बाढ़ प्रभावितों ली बांध पर शरण, हजारों एकड़ फसल जलमग्न
कुशीनगर में बाढ़ प्रभावितों ली बांध पर शरण, हजारों एकड़ फसल जलमग्न
उत्तर-प्रदेश

कुशीनगर में बाढ़ प्रभावितों ली बांध पर शरण, हजारों एकड़ फसल जलमग्न

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कुशीनगर, 24 जुलाई (हि.स.)। कुशीनगर में उफनाई नारायणी नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों ने बंधे समेत अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। नदी के पानी में हजारों एकड़ फसल डूब चुकी है। बाढ़ से सेवरही व खड्डा तहसील के गांव सर्वाधिक प्रभावित हैं। सेवरही के एपी बांध के कई बिंदुओं पर नदी का दबाव कायम है। बांध व नदी के बीच के क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी के इस रुख से ग्रामीण भयभीत हैं। एपी बांध के किमी 800 जंगली पट्टी के सामने किमी 1300.00 बाघाचौर व किमी 1400.00 अहिरौलीदान में दबाव के चलते संवेदनशील स्थिति हो गई है। नेपाल के वाल्मीकिनगर बराज से रोज औसत तीन लाख क्यूसेक से पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। स्थिति यह है कि नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। गुरुवार को बराज से 2.01 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे लोगों को राहत हुई। इस समय सेवरही के पिपराघाट के देवनारायण टोला, उपाध्याय टोला, शिव टोला, मोतीराय टोला, नरवाटोला व जोगिनी टोला में बाढ़ का पानी भर गया है। यही हाल खड्डा तहसील के मरिचहवा, नरायनपुर, छितौनी घाट, शिवराजपुर आदि गांवों का है। लोग अपने मवेशियों के साथ बांध व अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हैं। पिपराघाट के प्रधान विद्या सागर सिंह ने कहा कि बार-बार कहने के बाद भी प्रशासन ध्यान नहीं देता है। हर साल लोग बाढ़ के शिकार हो जाते है। नहीं कटने दिया जाएगा बांध बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता भरत राम ने कहा कि संवेदनशील प्वाइंटों पर नदी का दबाव कायम है। इसके बावजूद बांध पूरी तरह सुरक्षित है। किसी भी दशा में बांध को कटने नहीं दिया जाएगा। बांध को क्षति पहुंचने पर जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई डीएम डा. भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि मातहतों के निर्देशित किया गया कि बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। इसका मानीटरिंग की जा रही है। कहा कि बांध को क्षति पहुंचा तो कोई बख्शा नहीं जाएगा। बीस वर्ष पूर्व आई थी ऐसी बाढ़ एपी बांध के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत अहिरौलीदान के डीह टोला, नोनिया पट्टी में पच्चीस घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लल्लन सिंह, दूधनाथ सिंह, मिठाई लाल, लल्लन बैठा, रामदेव बैठा, राजनाथ सिंह, हिसाबी लाल, दिनेश राय, कपिलदेव यादव आदि के घरों में नदी का घुस गया है। पीडितों ने बताया कि बीस साल पहले ऐसी बाढ़ आई थी। फसल पुरी तरह डूब चुकी है व लोग बांध पर शरण लिए है। बांध पर भोजन बना रही नोनिया पट्टी की बुधिया देवी का परिवार बांध पर टेंट लगाकर रह रहा है। कहा कि प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही। हिन्दुस्थान समाचार/गोपाल/राजेश-hindusthansamachar.in