कुशीनगर में उड़ान से होटल उद्योग को लगे पंख
कुशीनगर में उड़ान से होटल उद्योग को लगे पंख
उत्तर-प्रदेश

कुशीनगर में उड़ान से होटल उद्योग को लगे पंख

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- अंतर-राष्ट्रीय एयरपोर्ट से बढ़ेगी कमरों की डिमांड -अनुमानित 1000 कमरों के सापेक्ष 360 उपलब्ध कुशीनगर, 16 जून(हि.स.)। कुशीनगर अंतर-राष्ट्रीय एयरपोर्ट से अक्टूबर में प्रस्तावित उड़ान के साथ-साथ यहां के होटल उद्योग को पंख लगने लगे हैं। होटल उद्यमियों ने विस्तारीकरण के साथ-साथ नए होटलों के निर्माण के लिए जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। घरेलू व विदेशी उड़ान शुरू होने के बाद पर्यटकों को ठहराने के लिए कम कम से 1000 कमरों की जरूरत पड़ेगी, जबकि वर्तमान में आधा दर्जन स्तरीय होटलों को मिलाकर 360 के लगभग कमरें उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन ने भी उद्यमियों संग बैठक कर इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया है। राजकीय होटल पथिक निवास में 44 कमरे उपलब्ध है। होटल प्रबन्धन ने कमरों को अपग्रेड करना शुरू कर दिया है। 13 अदद स्विस कॉटेज बनाए जाने की योजना पर कार्य चल रहा है। थ्री स्टार होटल रॉयल रेजीडेंसी में 45 कमरें हैं। प्रबन्धन ने प्रथम तल पर विस्तारीकरण का प्रस्ताव किया है। थ्री स्टार लोटस होटल में मौजूदा समय मे 98 कमरे हैं। गोरखपुर में फाइव स्टार यूनिट का कार्य पूरा होने के बाद प्रबन्धन यहां विस्तारीकरण की योजना पर कार्य करेगा। थ्री स्टार इम्पीरियल होटल में 65 कमरें हैं। प्रबन्धन के पास नए विस्तारीकरण के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध है। एडेल्फ़ी ग्रेंड में 30 कमरें व मैतेई रेजीडेंसी 36 कमरें मौजूद हैं। इसके अलावा पर्यटक बजटीय गेस्ट हाउस, धर्मशाला व बौद्ध बिहार आदि में स्थित कमरों में रुकते हैं। पूर्व में उद्यमियों ने होटल स्थापना के लिए जमीनें खरीद कर छोड़ रखी हैं। करुणासागर पार्क के पास बाबा कंस्ट्रक्शन का प्रस्तावित थ्री स्टार होटल, बुद्ध मार्ग पर लखनऊ के उद्यमी की भूमि पर होटल निर्माण प्रस्तावित है। बुद्ध मार्ग पर जापानी मन्दिर के बगल में एक थ्री स्टार होटल का निर्माण जोरों पर है। लब्बोलुआब यह कि एयरपोर्ट परियोजना से होटल उद्योग को भी पंख लग गए हैं और आने वाले दो तीन बर्षों के भीतर कुशीनगर 1000 स्तरीय कमरों की क्षमता से लैस हो जाएगा। एजीएम रॉयल रेजीडेंसी पंकज सिंह का कहना है कि होटल निर्माण व विस्तारीकरण के लिए कुशीनगर में पर्याप्त मात्रा में उद्यमियों ने जमीन खरीदी है। कुछ खरीदने की कोशिश कर रहे है। यदि सभी निर्माण हो जाएं तो यहां स्तरीय कमरों की संख्या 1000 से अधिक हो जायेगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पूर्ण बोहरा ने बताया कि पर्यटन उद्यमियों के साथ बैठक की गई है। उड़ान से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी की सम्भावना के दृष्टिगत सभी जरूरी संसाधन बढ़ाने पर जोर है। सरकारी स्तर पर प्रयास हो रहे हैं और निजी क्षेत्र को पूरा स्पोर्ट किया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/गोपाल/राजेश-hindusthansamachar.in