काव्य गोष्ठी में हिन्दी के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर
काव्य गोष्ठी में हिन्दी के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर
उत्तर-प्रदेश

काव्य गोष्ठी में हिन्दी के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर

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नजीबाबाद (बिजनौर), 16 सितम्बर (हि.स.)। महिला काव्य मंच की ओर से आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियित्रियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से हिन्दी के प्रचार-प्रसार कविताओं के माध्यम से हिन्दी के प्रचार-प्रसार पर बल दिया। बुधवार को रमेश नगर स्थित सुमन वर्मा के आवास पर महिला काव्य मंच के की ओर से आयोजित काव्य गोष्ठी का शुभारंभ कवियित्री फूलमाला वर्मा ने सरस्वती वंदना से किया। इस अवसर पर मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए। मंजू जौहरी मधुर ने कहा कि अंग्रेजी आग में जल रहा देश सारा, सोचा न समय से गर पीछे पछताओगे। कलम से ही छिन रहा हिन्दी का ये काम सारा, मिट रहे सम्बन्ध हमारे, मिट रहा प्यार हमारा। समन वर्मा ने कहा कि हिन्दी कहती मत बनो गुलाम अंग्रेजी के, रहो गुमनाम। हिन्दी दया, धर्म, उपकार सिखाती, रिश्तों का सच्चा ज्ञान कराती। कृष्ण कांता गोयल ने कहा कि पिया मिलन को चली हिन्दी करके सोलह श्रृंगार। गद्य पद्य और व्याकरण का पहन गले में हार। फूलमाला वर्मा ने कहा कि दो घरों को पाकर भी बेघर होती है नारी। खुशियां बांटती जीवन भर मायूस होती नारी। नीमा शर्मा ने कहा कैसे चली हवा कि सब कुछ भुला दिया। रहते हैं हम वतन में हिंदी नहीं आती। शालिनी वर्मा ने कहा हिन्दी भाषा अपनत्व भरी, प्रीत का गीत सिखाती है। मधुर बोली ढाई आखर की, कान्हा संग रास रचाती है। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता मंजू जौहरी मधुर तथा संचालन सुमन वर्मा ने किया। काव्य गोष्ठी के अंत में महिला काव्य मंच की अध्यक्षा मंजू जोहरी मधुर ने सभी को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दी। हिन्दुस्थान समाचार/रिहान अन्सारी-hindusthansamachar.in