कानपुर : नवरात्र में सजी फलाहारी दुकानें, रिझा रही सिंघाड़ा पूरी व रसगुल्ले
कानपुर : नवरात्र में सजी फलाहारी दुकानें, रिझा रही सिंघाड़ा पूरी व रसगुल्ले
उत्तर-प्रदेश

कानपुर : नवरात्र में सजी फलाहारी दुकानें, रिझा रही सिंघाड़ा पूरी व रसगुल्ले

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हिमांशु तिवारी कानपुर, 18 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र पर्व आते ही बाजारों में रौनक लौट आई है। दुकानों और बाजारों में व्रत रहने वालों के लिए भी विभिन्न प्रकार के पकवानों बनाए व बेचे जा रहे है। जिनमें बड़े व छोटे होटल और दुकानों में फलाहार की उचित दर में भोजन की भी व्यवस्था लागू की गई है। वहीं इन दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान में आने वाले ग्राहकों की सेहत का भी ध्यान विशेष रूप से रख रहे। हैंडवाश से लेकर सेनिटाइजर की भी व्यवस्था की गई है। ग्वालटोली क्षेत्र के आनंदेश्वर धाम में तीसरी पीढ़ी से चली आ रही फलाहारी दुकान के मालिक ऋषभ तिवारी ने बताया कि ये हमारी दुकान 125 वर्ष पुरानी है। इस आनंदेश्वर धाम को काशी के रूप में भी जाना जाता है। फलाहारी दुकान की शुरूआत हमारे बाबा जी ने की थी। जिसको अब हम संभाल रहे है। ऋषभ ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारी दुकान वैसे तो 12 मास खोली जाती है। कोविड 19 को देखते हुए हम आने वाले ग्राहकों की सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रख रहे है। नवरात्र को लेकर हमारे कुछ अलग ही तैयारियां की जाती है। जिसमे की हम सिंघाड़े आटा की पूरियां, सिंघाड़े की गुझिया, दही बड़ा व जीरा आलू को तैयार किया जाता है। ये सभी व्रत के खाने योग्य सामग्रियों से तैयार किया जाता है। नाश्ते में साबूदाना व आलू के लच्छा से दालमोठ तैयार की जाती है। साथ ही मिठाई में मेवा लड्डू और सिघाड़े से बने रसगुल्ले मिलते है। हमारा पहला उद्देश्य ग्राहक की संतुष्टि ही हमारा सबसे बड़ा धन होता है। वही, ग्राहक गौरव वर्मा ने बताया कि हम इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पिछले पन्द्रह वर्षों से बाबा के दर्शन को आ रहा हूं। और दर्शन के उपरांत फलाहारी चाट भंडार में पानी के बताशे व फलाहारी चाट को खाए बिना नहीं जाता है। हमारे पूरे परिवार में सबसे ज्यादा इनकी चाट व सिंघाड़े की पूरी और आलू जीरा खूब पसंद किया जाता है। मिठाई में भी इनका रसगुल्ला बहुत प्रसिद्ध है। हिन्दुस्थान समाचार/मोहित-hindusthansamachar.in