कहानियां पढ़कर मनोवैज्ञानिक दबाव को मात देंगे कोरोना संक्रमित

कहानियां  पढ़कर मनोवैज्ञानिक दबाव को मात देंगे कोरोना संक्रमित
कहानियां पढ़कर मनोवैज्ञानिक दबाव को मात देंगे कोरोना संक्रमित

-गाजियाबाद प्रशासन नेशनल बुक ट्रस्ट के सहयोग से कोरोना मरीजों को उपलब्ध कराया कहानियों का संग्रह गाजियाबाद, 25 जुलाई (हि.स.)। कोरोना की रिपोर्ट पॉज़िटिव प्राप्त होते ही मरीज भारी मनोवैज्ञानिक दबाव में आ जाता है और जब वह ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होता है, यह मानसिक दबाव उस पर बना ही रहता है। अधिकांश मरीज एसिम्पटोमेटिक (जिनमें लक्ष्ण परिलक्षित नही होते है), ऐसे मरीज इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती होते तो हैं, परन्तु इलाज के दौरान उनके लिए समय काटना मुश्किल हो जाता है। कोरोना मरीज मनोवैज्ञानिक दबाव से बाहर आये, यह बहुत आवश्यक है। इसके लिए जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने नेशनल बुक ट्रस्ट के डायरेक्टर से बात की है। नेशनल बुक ट्रस्ट के डायरेक्टर ने कोरोना मरीजों के लिए जिलाधिकारी के अनुरोध पर लगभग 500 पौराणिक कथाओं/कहानियां संग्रह उपलब्ध करायी है। इलाज के दौरान मरीज मनोवैज्ञानिक दबाव से बाहर आने, मानसिक तौर पर मजबूत रहने तथा अस्पताल में समय बिताने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने दिव्य ज्योति अस्पताल जाकर अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों को नेशनल बुल ट्रस्ट ऑफ इण्डिया द्वारा उपलब्ध करायी गयी पौराणिक कथाओं/कहानियों का संग्रह भेंट किया। जिलाधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य अस्पताल में ईलाज हेत आने वाले मरीजों को मानसिक दबाव से बाहर निकालना तथा एसिम्पटोमेटिक (जिनमें लक्ष्ण परिलक्षित नही होते हैं ), ऐसे मरीजों का इलाज के दौरान अस्पताल में समय व्यतीत करने में सहयोग करना है। मरीज इन कहानी संग्रहों को पढकर ईलाज के दौरान अस्पताल में आसानी से समय व्यतीत कर सकते है तथा इन पौराणिक कहॉनियों को पढने से उसको मनोवैज्ञानिक तौर पर भी मजबूती मिलेगी। जिलाधिकारी ने इसके लिए नेशनल बुल ट्रस्ट ऑफ इण्डिया के डायरेक्टर का विशेष आभार व्यक्त किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि यह कहानियाँ संग्रह जनपद के अन्य कोविड केयर अस्पतालों में भी मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। दिव्य ज्योति अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहें डा. कैलाश ने बताया कि जिलाधिकारी की भेंट की गयी कहॉनियों के संग्रह को पढ़कर एसिम्पटोमेटिक मरीजों में काफी उत्साह है, मरीज इन्हें पढ़कर इलाज के दौरान अस्पताल में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं। उधर जिलाधिकारी द्वारा भेंट की गयी कहॉनियाँ संग्रह को पढ़कर अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित एक मरीज ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए जिलाधिकारी को धन्यवाद दिया। उसने बताया कि वह एसिम्पटोमेटिक है, परन्तु उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉज़िटिव है। अस्पताल में समय व्यतीत करने में अत्यन्त परेशानी हो रही थी और समझ नही आ रहा था कि आखिर समय कैसे काटे। अब जिलाधिकारी द्वारा भेंट की गयी कहानियॉ संग्रहों को पढ़कर आसानी से समय व्यतीत हो जायेगा। हिन्दुस्थान समाचार/फरमान अली-hindusthansamachar.in

अन्य खबरें

No stories found.