औरैया : योजनाओं की फीडिंग कम होने पर होगी सेवा समाप्त - डीएम
औरैया : योजनाओं की फीडिंग कम होने पर होगी सेवा समाप्त - डीएम
उत्तर-प्रदेश

औरैया : योजनाओं की फीडिंग कम होने पर होगी सेवा समाप्त - डीएम

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- प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव कराने वालों से लिया जाए फीडबैक औरैया, 17 सितंबर (हि.स.)। कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ समिति की बैठक की। जिसमें जनपद में चल रहे स्वास्थ्य योजनाओं व स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान एसीएमओ अशोक कुमार ने बताया कि जनपद में सरकारी संस्थानों में प्रसव कराने वाली 5751 प्रसवों के सापेक्ष 4893 महिलाओं को जननी सुरक्षा बीमा योजना के तहत भुगतान कर दिया गया है। वहीं 5280 प्रसवों के सापेक्ष आशाओं को 4323 बार भुगतान किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी प्रसव सरकारी अस्पतालों में ही कराए जाएं और सभी गर्भवती महिलाओं और आशाओं को समय से भुगतान भी कर दिया जाए। आशाओं के माध्यम से प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव कराने वालों से बात की जाए और उनकी फीडबैक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। अधिक से अधिक प्रसव सरकारी अस्पतालों में ही हो। सबसे कम प्रसव अछल्दा व एरवाकटरा सीएचसी में हुए जिलाधिकारी ने प्रगति को ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं हेतु बनने वाले भोजन की गुणवत्ता उच्च रखी जाए पूरे अस्पताल में साफ-सफाई रहनी चाहिए। यदि कोई लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की योजनाओं की फीडिंग करने में लापरवाही बरतने पर बिधूना और अजीतमल के बीपीएम को चेतावनी दी और कहा कि यदि योजनाओं की फीडिंग समय से नहीं होगी तो सख्त कार्रवाई करते हुये सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इसके अलावा जिलाधिकारी ने एसीएमओ के निर्देश दिए कि वे आशाओं के यूनिफॉर्म की धनराशि उनके खातों में भिजवाए। आशाओं का भुगतान एवं मातृ शिशु वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं का भुगतान की स्थिति सही ना पाए जाने पर सभी बीसीपीएम को कड़ी चेतावनी दी और कहा एक सप्ताह के अंदर भुगतान में तेजी ना पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य अन्तर्गत जिला कार्यक्रम समन्यवक द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में अब तक 80580 गोल्डन कार्ड निर्गत हो चुके है, जनपद के अब तक 2400 लाभार्थियों ने योजना का लाभ प्राप्त किया है। समस्त जिला चिकित्सालय के साथ साथ समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी आयुष्मान के लाभार्थियों के इलाज किए जा रहे हैं। अब तक 15 कोविड पॉजिटिव मरीजों का उपचार सीएचसी दिबियापुर में आयुष्मान के अन्तर्गत किया जा चुका है। पात्र प्रवसियो के गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे है। जिससे उन्हें भी योजना का लाभ दिया जा सके। जिलाधिकारी द्वारा अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड निर्गत किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में सीडीओ सहित सभी संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/ सुनील/मोहित-hindusthansamachar.in