ऐसी शिक्षा नीति का निर्माण करना है जिसमें सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो : डॉ नितिन
ऐसी शिक्षा नीति का निर्माण करना है जिसमें सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो : डॉ नितिन
उत्तर-प्रदेश

ऐसी शिक्षा नीति का निर्माण करना है जिसमें सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो : डॉ नितिन

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जौनपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। हमें एक ऐसे शिक्षा नीति का निर्माण करना है जिसमें सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो सके। नई शिक्षा नीति, पुरानी शिक्षा व्यवस्था की भी पुनरावृत्ति कर रही है। उक्त विचार बीएड विभाग महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरदोई असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नितिन बाजपेयी ने राष्ट्रीय वेबिनार में व्यक्त किया। सोमवार को राजा श्रीकृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय जौनपुर में नई शिक्षा नीति शीर्षक समग्र विकास पर परिचर्चा में उन्होंने आगे कहा कि अर्ली चाइल्ड हुड एजुकेशन की बात की गई है, साथ ही बुनियादी शिक्षा पर जोर दिया गया है। इस प्रकार आने वाले समय मे यह शिक्षा नीति भारत के स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करेगा। विशिष्ट वक्ता डॉ. श्रवण कुमार भू एवं गृह विज्ञान विभाग रज्जू भईया संस्थान वीर बहादुर पूविवि ने नई शिक्षा नीति के सम्बन्ध मे कहा छात्रों को तकनीकी शिक्षा से पठन पाठन कराना इस शिक्षा का उद्देश्य है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विष्णु चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों का 50 प्रतिशत विकास 12 साल पहले हो जाता है, अतः उस आयु पर ज्यादा फोकस किया गया है। महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ. मायनन्द उपाध्याय ने नई शिक्षा नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के समग्र विकास के लिए नई शिक्षा नीति का निर्माण किया गया है। डॉ. सुशील कुमार तिवारी गणित विभाग तिलकधारी महाविद्यालय ने कहा इस शिक्षा नीति मे मल्टीपल एंट्री एवं मल्टीपल इग्जिट की व्यवस्था की गई है, साथ ही जीडीपी का 6 प्रतिशत खर्च करने की भी बात इस शिक्षा नीति में की गई है। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय के हिन्दी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मधू पाठक ने सरस्वती वंदना के साथ किया। सभी अतिथियों का स्वागत, छात्रा नेहा सोनी ने स्वागत गीत से किया। अतिथियों का स्वागत एवं परिचय आयोजन समिति सदस्य डॉ.सन्तोष कुमार पाण्डेय असिस्टेंट प्रोफेसर राजनीतिशास्त्र विभाग एवं संचालन सचिव डॉ.गगन प्रीत कौर ने तथा धन्यवाद ज्ञापन एवं विषय प्रवर्तन संयोजक डॉ. आशीष कुमार शुक्ला ने किया। हिन्दुस्थान समाचार/विश्व प्रकाश/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in