-एक्शन में गाजियाबाद की मेयर,प्रकाश प्रभारी से मांगा लाइटों का तो जलकल से मांगा एसटीपी का हिसाब
-एक्शन में गाजियाबाद की मेयर,प्रकाश प्रभारी से मांगा लाइटों का तो जलकल से मांगा एसटीपी का हिसाब
उत्तर-प्रदेश

-एक्शन में गाजियाबाद की मेयर,प्रकाश प्रभारी से मांगा लाइटों का तो जलकल से मांगा एसटीपी का हिसाब

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गाजियाबाद, 07 सितम्बर (हि.स.)। मेयर आशा शर्मा लगता है अधिकारियों की भूमिका को लेकर एक्शन मोड में आ गई है। सोमवार को उन्होंने प्रकाश प्रभारी से शहर में लगाई गई लाइटों का तो जलकल विभाग से डूंडाहेडा के 70 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का हिसाब मांगा। मेयर की सक्रियता से नगर निगम के इन विभागों के अधिकारियों में खलबली मची हुई है।दरअसल प्रकाश विभाग में पिछले दिनों शहर में पिछले एक वर्ष के दौरान लगाई गई लाइटों को लेकर सवाल उठे थे। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने शहर की लाइट व्यवस्था ठीक करने के लिए प्रकाश प्रभारी को 15 दिन का समय दिया है,वहीं महापौर आशा शर्मा ने आज प्रकाश प्रभारी को पत्र लिखकर प्रकाश व्यवस्था ठीक नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि उन्होंने कई बार पूर्व में भी पत्र लिखकर व मौखिक रूप से प्रकाश प्रभारी को शहर की लाइट व्यवस्था ठीक करने को कहा था लेकिन आज तक समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है। उन्होंने पत्र में कहा है कि शहर में पिछले एक वर्ष के दौरान कुल कितनी लाइटें लगी हैं और कहां-कहां लगाई गई है। कितनी ऐसी लाइटें हैं जो एक या दो महीने के भीतर खराब हो गई हैं। इसकी जानकारी उन्हें तत्काल दी जाए। इसी तरह एक पत्र मेयर में जलकल के महाप्रबंधक को भी लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि डूंडाहेड़ा हेड़ा स्थित 70 एमएलडी के एसटीपी को संचालित करने के लिए 6करोड़ 40 लाख रूपये का आवंटन हुआ था। जिसका कार्य जल निगम की सीएंडएस इकाई से कराया गया था,लेकिन यह कार्य संतोषजनक तरीके से नहीं किया गया और भुगतान कर दिया गया। यह किन परिस्थितियों में किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने 12जून 2018 को एसटीपी का निरीक्षण किया था और स्थिति संतोष जनक नहीं मिली थी। 17 जुलाई को तत्कालीन नगर आयुक्त इस मामले की जांच के आदेश दिए गए थे । मेयर ने महाप्रबंधक से इस संबंध में संपूर्ण जानकारी मांगी है। हिन्दुस्थान समाचार /फरमान अली-hindusthansamachar.in