उप्र में खनिजों से सम्बन्धित हर सेवा होगी ऑनलाइन
उप्र में खनिजों से सम्बन्धित हर सेवा होगी ऑनलाइन
उत्तर-प्रदेश

उप्र में खनिजों से सम्बन्धित हर सेवा होगी ऑनलाइन

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-ऑनलाइन अप्लीकेशन ‘माईनमित्र’ का बेहतर ढ़ग से क्रियान्वयन के निर्देश -निदेशक खनिकर्म ने जारी की विस्तृत गाइडलाइन लखनऊ, 21 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने खनिज सेवाओं को ऑनलाइन किये जाने हेतु विभागीय पोर्टल पर ‘माईनमित्र’ अप्लीकेशन का बेहतर ढ़ग से क्रियान्वयन का निर्देश दिया है। इसके लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक डाॅ0 रोशन जैकब ने मंगलवार को एक प्रपत्र जारी किया। प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारियों को भेजे गये विस्तृत दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) में निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म ने कहा है कि खनिजों से सम्बन्धित विभिन्न सेवाओं को आॅनलाइन किये जाने के लिए विभागीय पोर्टल यूपीडीजीएम डाॅट इन पर ऑनलाइन अप्लीकेशन ‘माइनमित्र’ का अच्छी तरह से क्रियान्वयन किया जाए। डाॅ0 जैकब ने बताया कि विभागीय पोर्टल यूपीडीजीएम डाॅट इन पर लाॅगइन करने के लिए सम्बन्धित जिलाधिकारियों को आईडी व पासवर्ड उनकी मेल आई-डी पर उपलब्ध कराया जायेगा। जिलाधिकारी द्वारा विभागीय पोर्टल यूपीडीजीएम डाॅट इन पर लाॅगइन करने पर भवन व विकास परियोजनाओं के ब्लाक पर आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन पोर्टल में प्रदर्शित होगा। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों को सम्बन्धित खान अधिकारी अथवा खान निरीक्षक को स्थानान्तरित करने हेतु पोर्टल पर फारवर्ड टू एमओ पर क्लिक किया जायेगा। उन्होंने बताया कि विभागीय पोर्टल पर लाॅगइन हेतु सम्बन्धित खान अधिकारी व खान निरीक्षक को भी लाॅगइन आईडी व पासवर्ड उपलब्ध कराया जायेगा। निदेशक के अनुसार खान अधिकारी व खान निरीक्षक द्वारा पोर्टल पर लाॅगइन करते ही भवन व विकास परियोजनाओं के ब्लाक में जिलाधिकारी द्वारा हस्तान्तरित आवेदन प्रदर्शित होंगे, जिन पर खान अधिकारी अथवा खान निरीक्षक द्वारा अभिलेखों का सत्यापन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभिलेखों के सत्यापन के समय यदि आवेदन में किसी प्रकार की कमियां पायी जातीं हैं, तो उसे पोर्टल पर प्रदर्शित ब्लाक ‘रेज टू क्वेरी’ में अंकित किया जायेगा, जो कि आवेदक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर व मेल आई-डी पर सूचित होगा। डाॅ0 जैकब ने बताया खान अधिकारी व खान निरीक्षक द्वारा स्थलीय निरीक्षण के उपरान्त निरीक्षण रिपोर्ट ब्लाक में जाकर समस्त सूचनाएं यथा खनिज की उपलब्धता, खनिज का नाम और रायल्टी की सूचना भरकर अपनी निरीक्षण आख्या अपलोड कर सब्मिट करना होगा। इससे आवेदन जिलाधिकारी के डैश बोर्ड में स्वीकृति हेतु रजिस्टर्ड हो जायेगा। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा डैश बोर्ड में खान अधिकारी की रिपोर्ट के उपरान्त क्वेरी, स्वीकार अथवा अस्वीकार करने का विकल्प होगा। उन्होंने बताया कि स्वीकृति की दशा में पोर्टल पर प्रदर्शित अपलोड ‘लेटर आफ इंटेंड’ के ब्लाक में आवेदक के पक्ष में अपलोड किया जायेगा। वहीं अस्वीकृति की दशा में रिमार्क ब्लाक में कारण अंकित किया जायेगा। ‘लेटर आफ इंटेंड’ के उपरान्त आवेदक द्वारा रायल्टी की धनराशि जमा कर चालान पोर्टल पर अपलोड करने के पश्चात उसके पक्ष में खनन अनुज्ञा पत्र पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। निदेशक ने बताया कि इस कार्यवाही के पूर्ण किये जाने हेतु एक माह की अवधि निर्धारित है। इसमें खान अधिकारी को स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट सहित अन्य कार्यवाही पूर्ण करने हेतु 15 दिन तथा शेष कार्यवाही के लिये 15 दिन की अवधि पोर्टल पर निर्धारित की गयी है। वहीं क्वेरी होने के उपरान्त आवेदक द्वारा उसे पुनः पूर्ण कर प्रस्तुत किये जाने की अवधि निर्धारित एक माह की अवधि में जोड़ा नहीं जायेगा। उन्होंने बताया कि नियमानुसार एक महीने के भीतर आवेदन का निस्तारण नहीं हो पाने की दशा में आवेदन स्वतः स्वीकार समझा जायेगा। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी-hindusthansamachar.in