उप्र: चार जनपदों में 345 करोड़ की लागत से फ्लैटेड फैक्टरी का होगा निर्माण
उप्र: चार जनपदों में 345 करोड़ की लागत से फ्लैटेड फैक्टरी का होगा निर्माण
उत्तर-प्रदेश

उप्र: चार जनपदों में 345 करोड़ की लागत से फ्लैटेड फैक्टरी का होगा निर्माण

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-कानपुर में बनेगा ओडीओपी डिस्प्ले सेंटर -यूपिको और यूपीएसआईसी के मध्य होगी संयुक्त उद्यम एसेट लेंडिंग बैंकिंग की स्थापना लखनऊ, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उप्र लघु उद्योग निगम बोर्ड की 247वीं बैठक में गुरुवार को चार प्रमुख प्रस्ताव स्वीकृत हुए। इनमें राज्य के चार जनपदों में 345 करोड़ रुपये की लागत से फ्लैटेड फैक्टरी के निर्माण तथा कानपुर में एक जिला-एक उत्पाद(ओडीओपी) डिस्प्ले सेंटर बनाने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा 05 से 50 एकड़ क्षेत्र में पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जाने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया। साथ ही छोटे कारोबारियों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए यूपिको एवं उप्र लघु उद्योग निगम लिमिटेड के मध्य संयुक्त उद्यम एसेट लेंडिंग बैंकिंग (एबीएल) बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। इस दौरान अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डॉ. नवनीत सहगल ने कहा कि उप्र लघु उद्योग निगम के खाली पड़े भूखण्डों, शेडों पर फ्लैटेड फैक्टरी विकसित करने की योजना बनाई गई है। बोर्ड द्वारा उद्यमियों की सुविधा और निगम के व्यवसायिक हित के दृष्टिगत रखते हुए प्रथम चरण में चार जनपदों लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद तथा आगरा में फ्लैटेड फैक्टरी बनायी जाएंगी। उन्होंने कहा कि आगरा के फाउण्ड्री नगर में पांच मंजिला फ्लैटेड फैक्टरी के निर्माण कराया जायेगा। इसमें कुल 245 फैक्टरी हाल होंगे। इसकी लागत लगभग 185 करोड़ रुपये आयेगी। इसी प्रकार कानपुर गनर दादा नगर, लखनऊ में स्कूटर इण्डिया एन्सिलरी ईस्टेट नादरगंज तथा गाजियाबाद में फ्लैटेड फैक्टरी का विकास किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये फ्लैटेड फैक्टरी क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम, पानी के निकासी एवं विद्युत की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। फैक्टरी में काम करने वाले श्रमिकों के लिए बहुमंजिला आवास बनाये जाए, जिसमें कम से कम 250 मजदूरों के लिए आवास हों। उन्होंने कहा कि सभी फ्लैटेड फैक्टरी के लिए फैसेलिटी मैनेजमेंट का गठन भी किया जाए। अपर मुख्य सचिव कहा कि राजकीय औद्योगिक आस्थान फजलगंज कानपुर में आईयूसीडी की फैक्टरी कई वर्षों से बंद थी। इस भूमि पर पुनः व्यवसायिक दृष्टिकोण से ओडीओपी डिस्प्ले सेंटर बनाने का निर्णय गया है। इस सेंटर के स्थापित होने से ओडीओपी उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए शहर के बीच में एक व्यवसायिक स्थल प्राप्त होगा। वहीं ओडीओपी उत्पाद भी आसानी से ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि यूपीएसआईसी द्वारा प्रदेश में 05 से 50 एकड़ भूमि पर निजी क्षेत्र के सहयोग से पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा। बैठक में बोर्ड के प्रबंध निदेशक राम यज्ञ मिश्र, निदेश अजय जौहरी एवं उपाध्यक्ष राकेश गर्ग सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in