उप्र : कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य महकमा चिन्तित, 23,150 सक्रिय मामले
उप्र : कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य महकमा चिन्तित, 23,150 सक्रिय मामले
उत्तर-प्रदेश

उप्र : कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य महकमा चिन्तित, 23,150 सक्रिय मामले

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बीते चौबीस घंटे में 1,852 नये मामले आए सामने, 1,341 मरीज हुए स्वस्थ, 27 की मौत लखनऊ, 05 नवम्बर (हि.स.)। प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार 65 दिन गिरावट होने के बाद अब इसमें इजाफा होना शुरू हो गया है। दिल्ली के आसपास के कुछ जनपदों में मामले बढ़ रहे हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की भी चिन्ता बढ़ गई है। राज्य में 23,150 एक्टिव केस हैं। बुधवार के बाद गुरुवार को भी सक्रिय मामलों में इजाफा हुआ है। वहीं वर्तमान में प्रदेश में होम आइसोलेशन में 10,303 मरीज हैं। संक्रमण बढ़ने के कारण इनकी संख्या में भी वृद्धि हुई है। अब तक 4.61 लाख मरीजों ने कोरोना से जीती जंग प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, आलोक कुमार ने बताया कि बीते चौबीस घंटें में संक्रमण के 1,852 नये मामले सामने आए हैं। इसी दौरान इलाज के बाद 1,341 मरीज स्वस्थ होने के कारण डिस्चार्ज घोषित किए गए। अब तक कुल 4,61,053 मरीज कोरोना से लड़ाई जीत कर स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं वर्तमान में मरीजों की रिकवरी दर लगभग 92 प्रतिशत चल रही है। बीते चौबीस घंटे में संक्रमण के बाद 27 मरीजों की मौत हुई है। ये आंकड़ा भी बड़ा है। वहीं कुल मौतों की संख्या 7,131 है। बुधवार को 1.55 लाख कोरोना नमूनों की हुई जांच प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,55,220 सैम्पल की जांच की गयी। इनमें 63,858 आरटीपीसीआर टेस्ट, 1,770 ट्रनैट और 89,592 एंटीजन टेस्ट किए गए। वहीं अब तक कुल 1,56,09,500 कोरोना नमूनों की जांच की जा चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में कोरोना टेस्ट करने वाला इकलौता राज्य है। 6,919 बच्चों ने एक दिन में सरकारी अस्पतालों में लिया जन्म प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सरकारी अस्पतालों में प्रसव की सुविधाएं पहले की तरह मुहैया करायी जा रही हैं। एक दिन में 6,919 बच्चों ने जन्म लिया। इनमें 5,966 नॉर्मल डिलीवरी और 953 सिजेरियन प्रसव हुए। 01 अक्टूबर से 04 नवम्बर तक की गई 21,320 मेजर सर्जरी उन्होंने बताया कि राज्य में कोविड केयर के साथ नॉन कोविड केयर पर भी पूरी तरह ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में बीते वर्ष 01 अक्टूबर से 04 नवम्बर तक सरकारी अस्पतालों में जहां 22,890 मेजर सर्जरी की गई। वहीं कोरोना संक्रमण काल के बावजूद इस वर्ष इसी समयावधि में 21,320 मेजर सर्जरी की गई। इस तरह अब अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी कोरोन से पहले वाली स्थिति में आ गई हैं। 2,791 लोगों ने एक दिन में ई-संजीवनी का किया प्रयोग इसके साथ ही ई-संजीवनी पोर्टल का प्रदेश के लोग लगातार इस्तमाल कर रहे हैं। इस पोर्टल से घर बैठे डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। बुधवार को 2,791 लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। अब तक कुल 1,87,412 लोग इस पोर्टल के जरिए चिकित्सीय लाभ ले चुके हैं। लापरवाही से बढ़ रहे मौत के मामले, सतर्कता से बच सकती है जान प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में फोकस सैम्पलिंग का अभियान लगातार चल रहा है, जिसके जरिए ज्यादा लोगों के बीच में रहने वाले संक्रमितों की पहचान की जा रही है। वहीं संक्रमण के बाद हर मौत की समीक्षा की जा रही है और गलती पाए जाने पर जिम्मेदारी निर्धारित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर यह देखने में आया है कि कई बार लोग लक्षण आने के बाद भी समय से अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं। उन्हें लगता है कि वह घर पर ही ठीक हो जाएंगे। जब वह अस्पताल पहुंचते हैं तो उनका ऑक्सीजन स्तर भी ठीक नहीं होता। ऐसे में समय से इलाज के लिए नहीं पहुंचना भी मौत का कारण है। जबकि इस तरह की मौतों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि वहीं होम आइसोलेशन का विकल्प चुनने वाले लोग अगर डायबिटीज, हाइपरटेंशन, दिल की बीमारी से पहले से ग्रसित हैं तो उन्हे सचेत रहने की आवश्यकता है। इसी तरह किसी की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर है या अस्थमा और टीबी जैसी गम्भीर बीमारी के मरीजों को बेहद सर्तक रहने की आवश्यकता है। ऐसे लोग लक्षण नहीं महसूस होने पर भी चिकित्सक के सम्पर्क में रहें, ताकि किसी भी तरह की समस्या पर इन्हें तुरन्त इलाज मिल सके। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/दीपक-hindusthansamachar.in