उप्र के गांवों में अनाज भंडारण के लिए बनेंगे पांच हजार गोदाम
उप्र के गांवों में अनाज भंडारण के लिए बनेंगे पांच हजार गोदाम
उत्तर-प्रदेश

उप्र के गांवों में अनाज भंडारण के लिए बनेंगे पांच हजार गोदाम

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-किसानों को फसल की अच्छी कीमत दिलाने को योगी सरकार बढ़ाएगी भंडारण सुविधा -किसानों की आय के साथ युवाओं के रोजगार का भंडार भी खोलेंगे ये गोदाम -पहले चरण में हर दस गांव के बीच होगा एक गोदाम, सहकारिता विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव लखनऊ, 26 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें अपनी फसल जल्दी बेंचने के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। किसान अपनी उपज खुद की सुविधा के मुताबिक बेच सकेंगे और बेहतर कीमत ले सकेंगे। किसानों की सुविधा के लिए योगी सरकार गांवों में 5,000 भंडारण गोदाम बनाने जा रही है। योगी सरकार ने प्रदेश के लगभग हर गांव में एक भंडारण गोदाम बनाने की योजना तैयार की है। हालांकि पहले चरण में करीब हर 10 गांव पर एक गोदाम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यहां बताया कि किसानों की उपज का बेहतर मूल्य दिलाने का वादा पूरा करने के लिए योगी सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। गांवों में पांच हजार भंडारण गोदाम बना कर राज्य सरकार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहे 5000 गोदामों से प्रदेश की भंडारण क्षमता में 8.60 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोत्तरी होगी। प्रवक्ता का कहना है कि भंडारण की व्यवस्था न होने से किसानों को फसल बचाने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ता है। ज्यादातर किसानों को उपज खराब होने के डर से मजबूरी में काफी कम कीमत में अपनी फसल बेचनी पड़ती है। व्यापारी और आढ़ती किसानों की इस मजबूरी को समझते हैं और मौके के इंतजार में रहते हैं। भंडारण की सुविधा बढ़ जाने के बाद किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख सकेंगे और बेहतर कीमत मिलने पर बाजार में बेच सकेंगे। उन्होंने बताया कि भंडारण गोदामों के निर्माण को किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बेहद कारगर कदम माना जा रहा है। खास तौर से प्रदेश के छोटे और मझोले किसानों के लिए गोदाम वरदान साबित हो सकते हैं। प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त ने बैठक कर प्रस्ताव को जल्द फाइनल करने के निर्देश सहकारिता विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। अपर मुख्य सचिव सहकारिता एमवीएस रामीरेड्डी के मुताबिक इन सभी गोदामों की कुल भंडारण क्षमता करीब 8.60 लाख मीट्रिक टन होगी । ग्राम पंचायतों और ब्लाक स्तर पर गोदाम बनाए जाने हैं । प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा । इन गोदामों में सीजन में किसानों से खरीदे जाने वाले अनाज के साथ ही किसान भी अपना अनाज रख सकेंगे। किसानों को अपना उत्पाद घर के पास रखने की सुविधा मिलेगी। ये भंडारण गोदाम सिर्फ किसानों की आय ही नहीं बढ़ाएंगे बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का भंडार भी खोलेंगे। राज्य सरकार इन भंडारण गोदामों के जरिये केयरटेकर, एकाउंटेंट, सुरक्षाकर्मी और सुपरवाइजर जैसे हजारों पदों पर नौकरी के अवसर भी मिलने तय हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी-hindusthansamachar.in