ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: उप्र को दूसरा स्थान मिलने पर अखिलेश का तंज, 'भाजपा है तो कुछ भी मुमकिन है'
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: उप्र को दूसरा स्थान मिलने पर अखिलेश का तंज, 'भाजपा है तो कुछ भी मुमकिन है'
उत्तर-प्रदेश

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: उप्र को दूसरा स्थान मिलने पर अखिलेश का तंज, 'भाजपा है तो कुछ भी मुमकिन है'

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-कहा-राज्य सरकार और मुख्यमंत्री गदगद, लेकिन जमीन में निवेश का ब्यौरा नहीं लखनऊ, 07 सितम्बर (हि.स.)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को देश में दूसरा स्थान मिलने पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि भाजपा सरकार की जादूगरी कमाल की है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश लम्बी छलांग लगाकर नम्बर दो के पायदान पर पहुंच गया जबकि गत वर्ष 2019 में 12वीं रैंकिंग थी। एक वर्ष में इतनी लम्बी उछलकूद तो बड़े-बड़े धावक भी शायद न दिखा पाएं। लेकिन, भाजपा है तो कुछ भी मुमकिन है। अफवाह और बहकावे की राजनीति में तो उसकी गजब की मास्टरी है। उन्होंने कहा कि अनियोजित लाॅकडाउन और गलत आर्थिक नीतियों की वजह से अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। अकेले गौतमबुद्धनगर में 300 से ज्यादा फैक्टरियां बंद हो गई है। हजारों बंदी के कगार पर है। कहां गया 20 लाख करोड़ का पैकेज? बंद फैक्टरियों में लाखों की मशीनें धूल फांक रही है। प्रदेश भर में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, विनिर्माण, संचार, होटल आदि व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हैं। छह माह से कोरोना संक्रमण में लगातार बढ़ोत्तरी के चलते सभी गतिविधियां बंद हैं। पांच महीने में तीन गुना मनरेगा मजदूर घट गए हैं। 17 जुलाई से अब तक राजधानी के मनरेगा मजदूरों की 3.31 करोड़ रुपये की मजदूरी बकाया हो चुकी है। फिर पता नहीं कैसे केन्द्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने उत्तर प्रदेश को दो नम्बरी बना दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री जी गदगद हैं। कामयाबी के ढोल पीटे जा रहे हैं। लेकिन, जमीन में निवेश कहां हुआ है? किस बैंक ने कर्ज दिया? इस सबका ब्यौरा नहीं है। एक वर्ष में ही रैंकिंग कैसे बदल गई? अखिलेश ने कहा कि वास्तव में प्रदेश की भाजपा सरकार सत्ता में आने के पहले दिन से ही दिशाभ्रम की शिकार रही है। अपनी कोई योजना न होने से वह समाजवादी सरकार की जनहित की योजनाओं को या तो बर्बाद करने में लग गई या फिर अपनी वाहवाही दिखाने को उन पर अपने नाम का ठप्पा लगाने लगी। केन्द्र और राज्य की भाजपा की डबल इंजन की सरकारें एक दूसरे का मनोबल बढ़ाने के लिए जो साजिशी छलांगें लगा रही हैं वह जनता को भ्रमित करने के सिवाय और क्या हो सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in