इस बार बहनें नहीं बांध सकेंगी अपने जेल में बंद भाइयों को राखी
इस बार बहनें नहीं बांध सकेंगी अपने जेल में बंद भाइयों को राखी
उत्तर-प्रदेश

इस बार बहनें नहीं बांध सकेंगी अपने जेल में बंद भाइयों को राखी

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एटा, 27 जुलाई (हि.स.)। कोरोना संक्रमण के चलते जिला कारागार में प्रतिबंधित की गई बंदियों से प्रत्यक्ष मुलाकात का असर रक्षाबंधन पर्व पर भी पड़ेगा। कारागार अधीक्षक ने जानकारी दी है इस दिन बहनें अपने कारागार में बंद भाइयों का तिलक कर उन्हें प्रत्यक्ष राखी नहीं बांधी पाएंगी। जेल अधीक्षक ने जानकारी दी है कि रक्षाबंधन पर्व पर कोरोना प्रोटोकॉल के तहत बंदियों की बहनों से प्रत्यक्ष मुलाकात तो प्रतिबंधित रहेगी, किंतु उनके रोली-अक्षत व राखियों के सील्ड लिफाफे एक अगस्त की शाम तक कारागार के मुख्य द्वार एवं मुलाकाती विश्राम स्थल पर स्वीकारे जाएंगे। इन सील्ड लिफाफों को अगले दिन विसंक्रमित कर मुलाकाती प्रभारी व कारापाल के पास सुरक्षित रखा जाएगा तथा तीन अगस्त की प्रातः इन्हें संबंधित बंदी को उपलब्ध कराया जाएगा। लिफाफे में मिठाई प्रतिबंधित रहेगी। बता दें कि, जिला कारागार में 41 बंदियों के कोरोना संक्रमित निकलने के बाद इन बंदियों को एल-1 हॉस्पिटल चुरथरख भेजा गया है। जबकि कारागार में आने वाले नए बंदियों के लिए एक विद्यालय में अस्थाई कारागार बनाया गया है। इसके अलावा कारागार में निरुद्ध बंदियों के संक्रमण से बचाव के लिए उन्हें औषधियों का सेवन कराने के अलावा कारागार में संक्रमण फैलने से रोकने के अनेक उपाय किए जा रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्णप्रभाकर/मोहित-hindusthansamachar.in