उत्तर-प्रदेश

इकबाल अंसारी की अपील, बाबरी विध्वंस मामले में सभी आरोपित बुजुर्ग, किए जाएं बरी

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लखनऊ, 17 सितम्बर (हि.स.)। अयोध्या में बाबरी मस्जिद के वादी रहे इकबाल अंसारी ने विध्वंस मामले में सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष कोर्ट में आग्रह किया कि मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया जाए। सीबीआई की विशेष कोर्ट 30 सितम्बर को मामले में अपना फैसला सुनाने वाली है। अंसारी ने कहा कि यह मसला सुप्रीम कोर्ट में रहा और सुप्रीम कोर्ट से फैसला भी आ गया है। फैसला मंदिर के हक में आया। बाबरी विध्वंस के मुकदमे में बहुत से लोगों की सुनवाई हो चुकी है और बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो इस दुनिया में नहीं हैं। जो लोग बचे हैं वे भी बहुत बुजुर्ग हो चुके हैं। हम यह चाहते हैं कि बाबरी मस्जिद के नाम पर जितने भी मुकदमे हैं उन को समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्दू और मुसलमानों को एक साथ सौहार्द से रहने और देश के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने की अनुमति दी जानी चाहिए। हिंदू और मुसलमान मंदिर और मस्जिद के नाम पर कोई भी ऐसा काम न करें जो देश की तरक्की में बाधा बने। धर्म के नाम पर यदि कोई भी विवाद रहता है तो इससे देश कमजोर होता है। इकबाल इससे पहले भी विशेष कोर्ट द्वारा सुनवाई के दौरान सभी आरोपितों को तलब करने पर यह अपील कर चुके हैं। उन्होंने इच्छा जताई थी कि ढांचा ढहाए जाने का केस समाप्त किया जाना चाहिए, जिससे आरोपितों को कोर्ट-कचहरी से मुक्ति मिले। सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद अब देश में हिन्दू-मुस्लिम का कोई विवाद नहीं है। उल्लेखनीय है कि अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायधीश सुरेन्द्र यादव 30 सितम्बर को फैसला सुनाएंगे। 06 दिसम्बर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में 27 साल बाद अदालत का फैसला आएगा। सीबीआई ने चार्जशीट में 49 लोगों को आरोपित बनाया था। इनमें 17 लोगों की मौत के बाद अब 32 आरोपितों के भविष्य पर अदालत को फैसला सुनाना है। इनमें लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, साध्वी ऋतंभरा, उमा भारती, विनय कटियार, महंत नृत्य गोपाल दास और चम्पत राय जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। सभी आरोपितों को 30 सितम्बर को अदालत में मौजूद रहना होगा। फैसले के दिन कोर्ट ने मामले के सभी आरोपितों को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in