आरआरटीएस कॉरिडोर का विस्तार मुजफ्फरनगर तक करने के लिए केन्द्र को भेजें प्रस्ताव : योगी आदित्यनाथ
आरआरटीएस कॉरिडोर का विस्तार मुजफ्फरनगर तक करने के लिए केन्द्र को भेजें प्रस्ताव : योगी आदित्यनाथ
उत्तर-प्रदेश

आरआरटीएस कॉरिडोर का विस्तार मुजफ्फरनगर तक करने के लिए केन्द्र को भेजें प्रस्ताव : योगी आदित्यनाथ

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-कहा-पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति लखनऊ, 11 सितम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम जनता को सुरक्षित, सुगम व विश्वस्तरीय आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के मद्देनजर रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर का विस्तार मेरठ से मुजफ्फरनगर तक करने का प्रस्ताव, भारत सरकार को भेजने का आदेश दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि आरआरटीएस कॉरिडोर का विस्तार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक गतिविधियों को गतिमान करने, प्रदूषण को नियंत्रित करने और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में सहायक साबित होगा। इस परियोजना में लागत की 15 प्रतिशत धनराशि प्रदेश सरकार को और शेष 85 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार को वहन करनी है। केन्द्रीय पशुपालन एवं मत्स्य राज्य मंत्री और मुजफ्फरनगर के सांसद डॉ. संजीव बालियान इस मामले को 2018 में लोकसभा में भी उठा चुके हैं। उनके मुताबिक एनसीआर में रैपिड रेल के तीन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट मात्र 82 किमी का है। दिल्ली-अलवर का प्रोजेक्ट 180 किमी और दिल्ली-पानीपत (अब करनाल) 111 किमी का है। ऐसी स्थिति में दिल्ली-मेरठ प्रोजेक्ट को मुजफ्फरनगर तक बढ़ाया जा सकता है। केन्द्रीय मंत्री के प्रस्ताव के अनुसार मुजफ्फरनगर तक रैपिड रेल का विस्तार हुआ तो दिल्ली-मेरठ के बीच की जो दूरी 82 किमी है, वह 40 किमी और बढ़ जाएगी। कुल 122 किमी हो जाएगी। वैसे भी मेरठ में इसे मोदीपुरम डिपो तक लाया गया है। दिल्ली-मेरठ-मुजफ्फरनगर रैपिड रेल प्रोजेक्ट से दिल्ली से मुजफ्फरनगर के बीच ट्रैफिक का काफी लोड घट जाएगा। लोग अधिकतम डेढ़ घंटे में दिल्ली से वाया मेरठ मुजफ्फरनगर आ जा सकेंगे। सफर आसान हो जाएगा। मेरठ और मुजफ्फरनगर दोनों शहरों का विकास होगा। इस प्रोजेक्ट की बदौलत मुजफ्फरनगर से दिल्ली तक का सफर मात्र 100 मिनट से भी कम समय में पूरा हो जाएगा। सड़क मार्ग पर वाहनों में कमी आएगी, इसके साथ ही वाहन कम होने से प्रदूषण से निजात मिलेगी। आरआरटीएस की प्रत्येक गाड़ी में बिजनेस क्लास भी होगा, जिससे लोग गाड़ी छोड़कर सफर करने के लिए आगे आएंगे। ट्रेनों की न्यूनतम गति 100 किमी और अधिकतम गति 180 किमी प्रति घंटा तक होगी। वहीं सामान्य रेल में सफर के मुकाबले आरआरटीएस ट्रेन का सफर काफी आरामदायक और सुगम होगा। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in