आईआईटी बीएचयू में खुलेगा इसरो का रीजनल एकेडमिक सेंटर
आईआईटी बीएचयू में खुलेगा इसरो का रीजनल एकेडमिक सेंटर
उत्तर-प्रदेश

आईआईटी बीएचयू में खुलेगा इसरो का रीजनल एकेडमिक सेंटर

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-आईआईटी बीएचयू और इसरो के बीच हुआ समझौता वाराणसी, 23 दिसम्बर (हि.स.)। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आईआईटी बीएचयू में अपना रीजनल एकेडमिक सेंटर फार स्पेस खोलेगा। बुधवार को वर्चुअल कार्यक्रम में आइआइटी बीएचयू और इसरो के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया गया। आईआईटी के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन और इसरो के सीबीपीओ निदेशक डा. पी वी वेंकटकृष्णन की पहल पर समझौते को अमली जामा पहनाया गया। इस महत्वपूर्ण समझौते के बाद बीएचयू आईआईटी इसरो के एंबेसडर के रूप में कार्य करेगा। आईआईटी में बीटेक और एमटेक छात्रों के लिए अल्प अवधि और एक वर्षीय प्रोजेक्ट भी शामिल किये जाएंगे। शोध छात्रों को लम्बी अवधि के आरएंडडी प्रोजेक्ट्स में वरीयता दी जाएगी। आईआईटी के निदेशक प्रो. पीके जैन के अनुसार इसरो का यह रीजनल एकेडमिक सेंटर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख फैसिलिटेटर के रूप में कार्य करेगा। सेंटर में क्षमता निर्माण, जागरूकता सृजन और शोध व अनुसंधान गतिविधियों के लिए विशेषज्ञों के अनुभवों का उपयोग किया जाएगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उत्कृष्टता के अन्य संस्थानों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। सेंटर से स्पेस साइंस और स्पेस टेक्नोलाजी के क्षेत्र में ही शोध नहीं बढ़ेगा, वरन इसके अंतर्गत होने वाले शोधों से कृषि, दूरसंचार, मौसम विज्ञान, जल संसाधन आदि क्षेत्रों में पूर्वांचल और मध्य भारत को काफी फायदा होगा। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर-hindusthansamachar.in