अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाने के खिलाफ याचिका खारिज
अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाने के खिलाफ याचिका खारिज
उत्तर-प्रदेश

अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाने के खिलाफ याचिका खारिज

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गाइडलाइन का पालन कर मतदान व्यवस्था का डीएम को निर्देश प्रयागराज, 12 सितम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोतवाली क्षेत्र पंचायत प्रमुख बिजनौर, तृप्ति रानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाने की नोटिस पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि जिलाधिकारी कोविड 19 की केन्द्र व राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए मतदान की व्यवस्था करे। बैठक बडे़ हाल या खुले मैदान में आयोजित की जाय। मतदान के समय जिलाधिकारी स्वयं या उनके प्रतिनिधि मौजूद रहें। कोर्ट ने ऐसी बैठकों के लिए राज्य सरकार को तीन हफ्ते में गाइडलाइन तैयार करने का भी निर्देश दिया है और क्षेत्र पंचायत प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाने की चुनौती याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकान्त गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने तृप्ति रानी की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि गणतंत्रात्मक शासन प्रणाली में चुनाव व अविश्वास प्रस्ताव का विशेष स्थान है। जनतंत्र में लोगां की इच्छा सुप्रीम है। इसमें हस्तक्षेप कर इसे निरर्थक नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने कहा है कि जिसे बहुमत हासिल नहीं है, उसे पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। चुने हुए लोगों को बहुमत खो चुके व्यक्ति को पद से हटाने का अधिकार है। याची अधिवक्ता का कहना था कि जिलाधिकारी बिजनौर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के नाम का उल्लंघन कर रहे हैं, इसे रोका जाय। याची के खिलाफ 21 अगस्त 20 को आये प्रस्ताव पर जिलाधिकारी ने तुरंत नोटिस जारी की और अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए 15 सितंबर 20 को बैठक बुलाई है। याची अधिवक्ता का कहना था कि पंचायत में 185 सदस्य हैं। पेन्डेमिक के दौरान गाइडलाइन का उल्लंघन कर बैठक बुलाई गई है, जिसे रद्द किया जाय। सरकारी अधिवक्ता का कहना था कि विधानसभा बैठ रही है। छात्र परीक्षा दे रहे हैं। सुरक्षा उपायों के साथ काम हो रहा है। इस पर कोर्ट ने जिलाधिकारी को गाइडलाइन का पालन करते हुए कार्यवाई करने का निर्देश दिया है। आदेश की प्रति मुख्य सचिव को गाइडलाइन बनाने के लिए भेजने का आदेश दिया है। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन/राजेश-hindusthansamachar.in