अर्नब के समर्थन में सड़कों पर उतरे सामाजिक संगठन
अर्नब के समर्थन में सड़कों पर उतरे सामाजिक संगठन
उत्तर-प्रदेश

अर्नब के समर्थन में सड़कों पर उतरे सामाजिक संगठन

news

- महाराष्ट्र सरकार चौथे स्तंभ को कर रही कमजोर कानपुर, 05 नवम्बर (हि.स.)। महाराष्ट्र पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी को दो साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इसको लेकर देशभर के पत्रकारों में आक्रोश है और अब तो सामाजिक संगठन भी अर्नब के समर्थन में सड़कों पर उतरने लगे। गुरुवार को कानपुर में गिरफ्तारी के विरोध में सामाजिक संगठन के लोग सड़कों पर उतरकर महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद से देश भर में महाराष्ट्र सरकार व पुलिस के विरुद्ध जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में बीते दिन कानपुर में भी पत्रकार संगठनों ने अर्नब की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए और उन्हें रिहा करने की मांग करते हुए अपना विरोध जताया था। वहीं अब समाजिक संगठन के पदाधिकारी भी अर्नब के समर्थन में सड़कों पर उतर कर महाराष्ट्र पुलिस कमिश्नर के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। संगठन के पदाधिकारी राकेश मिश्र ने बताया कि यह लोकतंत्र की हत्या है। इस तरह से बर्बरतापूर्ण बेवजह किसी पत्रकार का उत्पीड़न करना निंदनीय है। पत्रकार चैनल पर जो खबर हम तक पहुंचाते है उसके साथ ही नाइंसाफी महारष्ट्र सरकार कर रही है। पुराने मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने पत्रकार अर्नब को घर से घसीटकर ले गए यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इसी तरह से समाचार पत्रकारों का शोषण होता रहा तो हमारी आवाजे कौन उठाएगा। वहीं राकेश ने महाराष्ट्र सरकार को टेडी बियर का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह महाराष्ट्र सरकार धृतराष्ट्र रूपी सरकार है अपने दुर्योधन को बचाने के लिए निर्दोषों को जेल भेज रही है। यह हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी मांग है उन्हे सम्मान के साथ रिहा करा जाए। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/मोहित-hindusthansamachar.in