अमेरिका की कंपनी से चित्रकूट के बेसिक शिक्षा विभाग ने किया करार, शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार
अमेरिका की कंपनी से चित्रकूट के बेसिक शिक्षा विभाग ने किया करार, शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार
उत्तर-प्रदेश

अमेरिका की कंपनी से चित्रकूट के बेसिक शिक्षा विभाग ने किया करार, शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार

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-सशक्तिकरण कार्यक्रम से होगा विद्यालयों में गुणात्मक सुधार -सी एल चौरसिया -सिलिकॉन वैली अमेरिका स्क्वेयर पांडा से हुआ बेसिक शिक्षा विभाग का करार-ओंकार राणा चित्रकूट,10 दिसम्बर (हि.स.)। प्रगतिशील चित्रकूट शिक्षा विभाग ने सिलिकॉन वैली अमेरिका स्थित शिक्षा टेक्नोलॉजी कंपनी स्क्वेयर पांडा के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसके तहत सरकारी स्कूलों में प्राथमिक और ईसीसीई शिक्षकों के लिए एक विस्तृत सशक्तिकरण कार्यक्रम संचालित किया जायेगा। जिससे सरकार की मंशानुरूप परिषदीय विद्यालयों के बच्चो को भी प्राइवेट विद्यालयों की भांति गुणवत्तापरक शिक्षा मिल सकेगी। गुरुवार को मुख्यालय स्थित खंड शिक्षा कार्यालय में आयोजित शिक्षक सशक्तिकरण कार्यक्रम का उद्घाटन उप शिक्षा निदेशक सी.एल. चौरसिया ने किया। इस अवसर पर उप शिक्षा निदेशक सी एल चौरसिया ने कहा कि भारत में विकसित की गई नई शिक्षा नीति 2020 में ईसीसीई की श्रेष्ठता के बारे में बताया गया है। बच्चो के शुरुआती शैक्षणिक वर्षों में यह अत्यंत प्रभावशाली हैं। कहा कि बच्चे के जीवन के पहले शुरुवाती 8 साल महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इस अवधि में विकास की गति सबसे ज़्यादा होती है और शिक्षक एक ऐसी शक्ति हैं जो प्रभावी निर्माण कर सकते हैं। बताया कि स्क्वेयर पांडा के साथ हमारे गठजोड़ से 21वी सदी के कौशल के साथ शिक्षकों के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा की नवाचारी तकनीकें और ज्ञान मिल सकेगा। जिससे बच्चों के लिए लंबी अवधि में शैक्षणिक सफलता सुनिश्चित की जा सकेगी। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओमकार राणा ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए शिक्षको का तकनीकी तौर पर विकसित होना अत्यंत आवश्यक है। न्यूरोसाइंस के साक्ष्य के आधार पर इस बात को स्वयं चिह्नित किया है कि बच्चे के मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास 8 वर्ष की आयु से पहले हो जाता है। शैक्षणिक परिणामों पर पर्याप्त ध्यान देना भविष्य की पीढ़ियों और अर्थव्यवस्था की उत्पादकता में निवेश करना है। सरकार के लिये यह आवश्यक है कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर ध्यान दे। ताकि लेवल प्लेइंग फ़ील्ड का निर्माण किया जा सके। जिससे सभी के लिये अवसरों को समावेशी बनाया जा सकेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम ने कहा कि शिक्षा ही मनुष्य के सर्वागीण विकास की संवाहक है। शिक्षक] शिक्षार्थी और समाज के आपसी सामंजस्य से बच्चों के भावी जीवन को सवार कर एक आदर्श नागरिक का निर्माण किया जा सकता है। स्क्वेयर पांडा के एमडी आशीष झालानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी साक्षरता और अंकज्ञान स्थापित करने के लिए शिक्षा विभाग प्रगतिशील विचारधारा सराहनीय है। स्क्वेयर पांडा के लिए यह हमारी प्रतिबद्धता का विस्तार है। कहा कि अनोखे मॉड्यूल्स, ईष्टतम उपयोगिता और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ भारत में इससे पहले इस तरह के अनोखे कार्यक्रम को कभी भी लागू नहीं किया गया है। भारत में 6 प्रारंभिक शिक्षकों में से एक प्रशिक्षित नहीं होता। चित्रकूट में अब यह सब बदलने जा रहा है। बताया कि 60 घंटों का कार्यक्रम शिक्षकों के समग्र ज्ञान और भविष्य के लिए कौशल निर्माण करने के लिए सक्षम बनाता है। बुनियादी साक्षरता और अंकज्ञान की बढ़ी हुई समझ के साथ शिक्षकों को प्रारंभिक शिक्षा के तंत्रिका विज्ञान को समझने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। लगातार बदलने वाले शैक्षणिक परिदृश्य में अभ्यस्त होने में मदद के लिए शिक्षकों को उनके 21वी सदी के कौशल का विस्तार करना सिखाया जाएगा। इसके अलावा स्क्वायर पांडा के प्रतिनिधि से विभव श्रीवास्तव एवं चंद्रेश कुमार सिंह ने बताया कि गुणात्मक ईसीसीई और शिक्षक सशक्तिकरण कार्यक्रम में नई खोज करने वाले स्क्वेयर पांडा की मूल टीम में 82 से ज़्यादा अनुसंधानकर्ता और विशेषज्ञ हैं,जो संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान, प्रारंभिक शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और दुनियाभर की टेक्नोलॉजी के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी चित्रकूट चंद्रमोहन सिंह, जिला समन्वयक धीरेन्द्र सिंह, डॉ संग्राम सिंह, दिलीप सिंह, अभिषेक सिंह, गीत श्रीवास्तव, हरिश्चंद्र कुशवाहा, जितेन्द्र सिंह, लवलेश कुशवाहा, पुष्पेन्द्र सिंह, विक्रम सिंह, संगीता सिंह चंदेल, स्वाती अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार /रतन/मोहित-hindusthansamachar.in

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