अब बदले कलेवर की पुस्तकों के साथ पढ़ेंगे बेसिक स्कूलों के बच्चे
अब बदले कलेवर की पुस्तकों के साथ पढ़ेंगे बेसिक स्कूलों के बच्चे
उत्तर-प्रदेश

अब बदले कलेवर की पुस्तकों के साथ पढ़ेंगे बेसिक स्कूलों के बच्चे

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उरुवा के परिषदीय विद्यालयों में भेजी जा रही निःशुल्क किताबें प्रयागराज, 31 जुलाई (हि.स.)। कोरोना संक्रमण को लेकर भले ही विद्यालय बंद चल रहे हों, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जाने वाली निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों की खेप जिले से प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालयों में आना लगातार जारी है। वहीं उरुवा के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रत्येक विद्यालयों की छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों का बंडल बनाकर उन्हें गाड़ियों से हर स्कूल में भेजा जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी उरुवा बलिराम ने शुक्रवार को बताया कि लगभग पचास प्रतिशत विद्यालयों में किताबें भेजी जा चुकी हैं और शेष विद्यालयों में बंडल बनाकर उन्हें भी भेजा जा रहा है। इस वर्ष बच्चों को बदले कलेवर में किताबें पढ़ने को मिलेंगी। विभाग ने इस सत्र से अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भाषा की किताबें भी अंग्रेजी माध्यम की प्रदान की है। शासन द्वारा कक्षा एक से आठ तक के लिए सभी पुस्तकें भेज दी गई हैं। जूनियर स्तर पर भी सभी विषयों की किताबें आ चुकी हैं। बंद चल रहे विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई तो उतनी गति नहीं पकड़ पा रही है, लेकिन अभिभावकों को बुलाकर निःशुल्क पुस्तकें वितरण करना जारी है। विभाग के दावों के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई 15 जुलाई से भी शुरू हो जानी चाहिए, लेकिन ऐसा कुछ ही विद्यालयों में देखने को मिल रहा है। प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाई जाने वाली भाषा की कलरव, गणित आदि विषयों के साथ सभी कार्य पुस्तिका भी आ गई हैं। विभाग द्वारा सत्यापन कराते हुए वितरण कराया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ब्लाकों में कई विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम से संचालित कर रहा है। बीते सत्र तक अंग्रेजी माध्यम से संचालित स्कूलों में भी हिंदी माध्यम से ही पढ़ाई की जा रही थी। इस बार हिंदी छोड़कर सभी विषयों की किताबें अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराई गई हैं। किताबों का कवर पृष्ठ भी आर्कषक रुप रंग में तैयार किया गया है। किताबों में पहले ही लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने का प्रयास किया गया है। भीतरी पृष्ठों में रंगीन चित्रों के साथ मुख्य रुप से पाठ में कठिन शब्दावली की व्याख्या, अतिरिक्त परीक्षापयोगी प्रश्नों को विस्तार से समझाया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रयागराज संजय कुशवाहा ने बताया कि जैसे-जैसे पुस्तकें शासन द्वारा प्राप्त हुई हैं, उनका सत्यापन कराकर ब्लाक मुख्यालय और फिर वहां से विद्यालय स्तर पर पहुंचाई जा रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल खुलने के बाद संक्रमण काल में एहतियात के साथ बच्चों को पुस्तक वितरण करने का खाका खींचने लगा है। वहीं उरुवा के प्रत्येक विद्यालयों में किताब भेजने की जिम्मेदारी बीआरसी उरुवा के सहायक लेखाकार कृष्ण कुमार शुक्ला को दी गई है और उनके साथ ब्लॉक के परिचारकों को भी लगाया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त/दीपक-hindusthansamachar.in