अपने परिवार के सदस्यों के रूप में करें निराश्रित गौवंश की देखभाल : आयुक्त
अपने परिवार के सदस्यों के रूप में करें निराश्रित गौवंश की देखभाल : आयुक्त
उत्तर-प्रदेश

अपने परिवार के सदस्यों के रूप में करें निराश्रित गौवंश की देखभाल : आयुक्त

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मेरठ, 14 अक्टूबर (हि.स.)। मेरठ मंडल की आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने कहा कि निराश्रित गौवंश की देखभाल अपने परिवार के सदस्यों के रूप में करें। उन्होंने गौवंश की मृत्यु के कारणों की समीक्षा कर उसे नियंत्रित करने, दुधारू गौवंश को कुपोषित बच्चों के परिवारों को देने, गौ आश्रयस्थलों को स्वावलंबी बनाने तथा फसल अवशेष को गौ आश्रयस्थलों में चारे में रूप में प्रयोग करने को कहा। आयुक्त सभागार में बुधवार को निराश्रित व बेसहारा गौवंश की मंडल स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कुपोषित बच्चों को जल्दी स्वस्थ बनाने के लिए गो आश्रय स्थलों से दुधारू गौवंशों को कुपोषित बच्चों के परिवारों को देने का निर्णय लिया है। पशुपालन विभाग के अधिकारी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस पर गंभीरता से कार्य करें। दुधारू गौवंश को कुपोषित बच्चों के परिवारों को दिलवाए, ताकि वह जल्दी स्वस्थ हो सके। उन्होंने कहा कि जिन अस्थायी गौ आश्रय स्थलों में कम गौवंश संरक्षित है उनको वृहद गौ आश्रयस्थलों में स्थानांतरित किया जाए। आयुक्त ने कहा कि गौ आश्रयस्थलों में होने वाली गौवंश की मृत्यु के कारणों का पता कर उसकी समीक्षा करें और हालात में सुधार करें। उन्होंने गौ आश्रयस्थलों को स्वावलम्बी बनाने के लिए वहां पर वर्मी कम्पोस्ट आदि कार्य करने के निर्देश दिए। अपर निदेशक पशुपालन राजेश कुमार ने बताया कि मेरठ मंडल में 278 अस्थायी गौवंश आश्रयस्थल है। जिनमें 26228 गौवंश संरक्षित है। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र में 227 अस्थायी गौवंश आश्रयस्थलों में 17527 गौवंश संरक्षित है। शहरी क्षेत्र में 51 अस्थायी गौवंश आश्रयस्थलों में 8701 गौवंश संरक्षित है। मेरठ मंडल में तीन कान्हा गौशाला है और उनमें 934 गौवंश संरक्षित है। मेरठ मंडल में आठ कांजी हाउस में 171 गौवंश संरक्षित है। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र छह कांजी हाउस में 146 गौवंश और शहरी क्षेत्र के दो कांजी हाउस में 25 गौवंश संरक्षित है। मंडल में नौ वृहद गौ संरक्षण केन्द्र में 2501 गौवंष संरक्षित है। मेरठ मंडल में कुल 29834 गौवंश संरक्षित है जिसमें से ग्रामीण क्षेत्र में 20174 तथा शहरी क्षेत्र में 9660 गौवंश संरक्षित है।उन्होेंने बताया कि मेरठ मंडल में पशुओं के निराश्रित या बेसहारा छोडने पर रोक लगाने हेतु पशु स्वामियों से 587350 रुपए वसूल किए गए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन मेरठ मदन सिंह गब्र्याल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अनिल कंसल, सीवीओ हापुड डाॅ. प्रमोद कुमार, सीवीओ गाजियाबाद डाॅ. बिजेन्द्र कुमार, सीवीओ गौतमबुद्ध नगर डाॅ. वीके श्रीवास्तव, सीवीओ बुलंदशहर डाॅ. आरके सक्सैना आदि मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/कुलदीप/दीपक-hindusthansamachar.in