अनुकूल ढकाल संस्कृत में राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में अव्वल, काशी का मान बढ़ाया
अनुकूल ढकाल संस्कृत में राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में अव्वल, काशी का मान बढ़ाया
उत्तर-प्रदेश

अनुकूल ढकाल संस्कृत में राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में अव्वल, काशी का मान बढ़ाया

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वाराणसी, 21 नवम्बर (हि.स.)। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के शास्त्री द्वितीय वर्ष के छात्र अनुकूल ढकाल ने संस्कृत भाषा में हुई राष्ट्रीय वाद विवाद प्रतियोगिता में अव्वल स्थान पाया है। छात्र की उपलब्धि पर विश्वविद्यालय में हर्ष का माहौल है। शनिवार को छात्र की सफलता पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने भी बधाई दी। अनुकूल के उज्जवल भविष्य की कामना कर कुलपति ने कहा कि संस्कृत के राष्ट्रीय वाद विवाद प्रतियोगिता से विद्यार्थियों में उत्साह और चैतन्यता मे वृद्धि होगी। साथ ही अन्य विद्यार्थियों मे भी प्रतियोगी भावनाओं का विकास होगा तथा संस्कृत का संवर्धन-पोषण भी होता रहेगा। छात्र की सफलता पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव राज बहादुर, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. रामपूजन पान्डेय, प्रो. हरप्रसाद दीक्षित, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. रामकिशोर, प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. शशिरानी मिश्रा ने हर्ष जताया और शुभकामनाएं दी। संस्कृत के क्षेत्र में उत्साह पैदा के लिए प्रतियोगिता का आयोजन संस्कृत भाषा में राष्ट्रीय वाद विवाद प्रतियोगिता के आयोजक महर्षि वाल्मिकी संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल, हरियाणा के कुलपति प्रो. श्रेयाँश द्विवेदी ने बताया कि संस्कृत के क्षेत्र में उत्साह, उमंग और अनुकूलता पैदा करने के उद्देश्य से प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इससे भारतीय संस्कृति के उत्थान में संस्कृत की भूमिका और महत्व बढता जायेगा। इसके माध्यम से देश के उच्च पदस्थ अधिकारियों एवं नेताओं की भी दृष्टि संस्कृत भाषा एवं विद्यार्थियों पर जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में भी संस्कृत माध्यम के प्रति प्रगाढता, प्रेम और प्रेरणा जागृत होगी। साथ ही उनमें मानवीय तत्व की वृद्धि और सामाजिक समरसता का विकास होगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय और वैली ऑफ़ वर्ड्स, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में "सत्यमेव जयते नाममृतं" विषय पर आयोजित अन्तिम चरण की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के शास्त्री द्वितीय वर्ष के छात्र अनुकूल ढकाल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर काशी के गौरव और सम्मान में वृद्धि किया है। बताते चले, 27 अक्टूबर 2020 से प्रारम्भ इस प्रतियोगिता में देशभर के 17 संस्कृत विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभाग किया था। जिसमें सौ से अधिक विद्यार्थियों नें पहले चरण में सहभागिता की। इसमें 34 विद्यार्थियों ने द्वितीय चरण में प्रवेश किया । प्रतियोगिता में तृतीय चरण के लिये 04 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त किया। काशी के अनुकूल ढकाल ने दूसरा स्थान प्राप्त कर संस्था का सम्मान बढाया था। लेकिन शनिवार को वैली ऑफ़ वर्डस, देहरादून मे संपन्न हुये। इस अन्तिम चरण की प्रतियोगिता में अनुकूल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 51000 हजार रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रमाण पत्र प्राप्त किये। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/दीपक-hindusthansamachar.in